राजस्थान में भीषण गर्मी से लोगों बड़ी राहत मिलने की संभावना है, आपको बता दे राज्य में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चूका है पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिली है, जिसके चलते अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और पारा अब कई जिलों में 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ चुका है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक प्रदेश में लू चलने की कोई संभावना नहीं है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग का कहना है कि 3 और 4 जून को एक और तीव्र पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान को प्रभावित करेगा, जिसके चलते कई इलाकों में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गयी है। इसका सबसे ज्यादा असर बीकानेर, शेखावाटी, अजमेर, जयपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में देखने को मिलेगा, जहां मौसम तेजी से बदलेगा।
पिछले 24 घंटे में तापमान और बारिश के आंकड़ों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला जहां केवल फलौदी में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अन्य अधिकांश क्षेत्रों में तापमान 42 डिग्री से नीचे रहा। वहीं रात के समय तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचने के कारण मौसम सुहाना और राहतभरा हुआ टोंक के मालपुरा में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 72 mm बारिश हुई जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी। दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश देखने को मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार 5 से 7 जून तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर आंधी और बारिश जारी रहेगी, जिससे तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा और लू का असर पूरी तरह से खत्म रहेगा। हालांकि 8 जून के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा और बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। कुल मिलाकर इस समय राजस्थान का मौसम सामान्य से राहतभरा है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है
