स्वतंत्रता सेनानी वीर रेंगा कोरकू की प्रतिमा को संरक्षित किए जाने की मांग को लेकर आदिवासी समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम देड़तलाई में स्थापित वीर रेंगा कोरकू की प्रतिमा आदिवासी समुदाय की आस्था, अस्मिता और गौरव का प्रतीक है, जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए। इस दौरान नेपानगर विधायक मंजू दादू ने भी समाज की भावनाओं का समर्थन करते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की।बुरहानपुर के देढ़तलाई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं आदिवासी समाज के जननायक वीर रेंगा कोरकू की प्रतिमा के संरक्षण की मांग को लेकर आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम देड़तलाई, तहसील खकनार स्थित शासकीय भूमि पर वीर रेंगा कोरकू की प्रतिमा स्थापित है, जो आदिवासी समाज की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वीर रेंगा कोरकू ने जल, जंगल, जमीन, माटी, बेटी और आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया तथा अपने साथियों के साथ बलिदान दिया। उनके संघर्ष और शहादत की स्मृति को जीवित रखने के लिए क्षेत्र के विभिन्न गांवों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। देड़तलाई स्थित प्रतिमा भी समाज की आस्था और गौरव का केंद्र है।समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिस प्रकार डॉ. भीमराव अंबेडकर वंचित और शोषित वर्गों के लिए सम्मान, अधिकार और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं, उसी प्रकार वीर रेंगा कोरकू आदिवासी समाज के लिए स्वाभिमान, अस्मिता और प्राकृतिक अधिकारों की रक्षा के प्रतीक हैं। उनके जीवन और बलिदान से आदिवासी समाज की भावनाएं गहराई से जुड़ी हुई हैं।ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि ग्राम देड़तलाई निवासी आरिफ बेग द्वारा विभिन्न न्यायालयों में याचिकाएं दायर कर प्रतिमा से जुड़े विवाद को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। समाज ने प्रशासन से मांग की कि प्रतिमा और उससे जुड़े स्थल को संरक्षित किया जाए तथा समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।कलेक्टर हर्ष सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले का परीक्षण कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया,"वीर रेंगा कोरकू आदिवासी समाज के गौरव और बलिदान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा और स्मृति स्थल का संरक्षण होना चाहिए। समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।"
