भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी मंडी) ने वैश्विक अकादमिक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। द (टाइम्स हायर एजुकेशन) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में संस्थान ने 200 स्थानों की छलांग लगाई है। पिछले साल 1001–1200 के बैंड में रहने वाला यह संस्थान अब 801–1000 के वैश्विक रैंकिंग बैंड में पहुंच गया है।
यह सुधार संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। मूल्यांकन के लिए पांच प्रमुख मानदंडों को आधार बनाया गया था, जिनमें शिक्षण, अनुसंधान का वातावरण, अनुसंधान की गुणवत्ता, उद्योग सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण शामिल हैं।
वैश्विक स्तर पर विस्तार और मूल्यांकन के पैमाने
इस वर्ष जारी की गई 'द' वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 अब तक की सबसे बड़ी सूची है, जिसमें दुनिया भर के 118 देशों और क्षेत्रों के कुल 2,297 विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है। संस्थान का यह प्रदर्शन उसकी बढ़ती शोध क्षमताओं और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत होती स्थिति की गवाही देता है।
रैंकिंग संस्करण आईआईटी मंडी का वैश्विक रैंकिंग बैंड
द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026
1001–1200
द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027
801–1000
निदेशक ने क्या कहा
इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा- "यह सुधार हमारे सभी संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और सहयोगी भागीदारों के समर्पण एवं कड़ी मेहनत का परिणाम है। हमारा निरंतर प्रयास परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने, अत्याधुनिक अनुसंधान करने और ऐसे नवाचार विकसित करने पर केंद्रित रहेगा, जो समाज के बेहतर भविष्य में योगदान दे सकें।"
भविष्य की प्राथमिकताएं
आने वाले समय में आईआईटी मंडी अंतर्विषयक अनुसंधान और औद्योगिक साझीदारियों को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों के समाधान तलाशने के लिए संस्थान अपने शोध तंत्र को और अधिक मजबूत कर रहा है, ताकि यहां से निकलने वाले शोधार्थी देश और समाज के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
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