पाली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की द्वितीय इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, रोहट में तैनात संविदा लेखा सहायक देवकीनंदन शर्मा को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।एसीबी को प्राप्त शिकायत के अनुसार, परिवादी की गाड़ी कार्यालय में टेंडर के माध्यम से लगी हुई थी। देवकीनंदन शर्मा ने इस गाड़ी को निरंतर चालू रखने और अप्रैल से जून माह तक के बिल पास करने की एवज में बीस हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। एसीबी पाली द्वितीय के प्रभारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देरावर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। आरोपी ने रिश्वत की राशि प्राप्त कर कार्यालय की नई इमारत के प्रथम तल पर स्थित लकड़ी की दराज में छिपा दी थी, जिसे एसीबी टीम ने बरामद कर लिया है।इस पूरे घटनाक्रम में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की संलिप्तता भी सामने आई है। एसीबी जोधपुर शहर के उप अधीक्षक किशन सिंह के नेतृत्व में डॉ. राजपुरोहित के आवास की तलाशी ली गई। कार्रवाई की भनक लगते ही डॉ. राजपुरोहित मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरविजन में यह पूरी कार्रवाई संपन्न हुई है। एसीबी टीम अब मामले की गहन जांच कर रही है ताकि अन्य संभावित पहलुओं और संलिप्त लोगों का पता लगाया जा सके।
