Friday, 25 September 2026
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अलवर में मोहर्रम: अकीदत और शांति के साथ कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिए

संक्षेप में

अलवर में मोहर्रम पर शुक्रवार को ताजियों का मुख्य जुलूस मेव बोर्डिंग परिसर से निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जेल चौराहा स्थित कर्बला मैदान पहुँचा, जहाँ शाम 6:00 बजे उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

मुख्य बातें

  • जुलूस दोपहर 1:00 बजे मेव बोर्डिंग से रवाना हुआ
  • शाम 6:00 बजे कर्बला मैदान में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया
  • सुरक्षा के लिए शहर में रूट डायवर्जन लागू किया गया था
जयपुर संभाग
अलवर में मोहर्रम: अकीदत और शांति के साथ कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए ताजिए

अलवर में शुक्रवार को मोहर्रम के मौके पर ताजियों का मुख्य जुलूस पूरी श्रद्धा और शांति के साथ निकाला गया। मेव बोर्डिंग परिसर से दोपहर 1:00 बजे रवाना हुआ यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ जेल चौराहा स्थित कर्बला मैदान पहुंचा, जहां शाम 6:00 बजे ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

परंपरा और भव्यता का संगम गुरुवार रात 'कत्ल की रात' की रस्म के बाद, नंगली मोहल्ला स्थित इमामबाड़े से ताजियों को मेव बोर्डिंग लाया गया था। ताज़िया कमेटी के अध्यक्ष खुर्शीद खान ने बताया कि जुलूस में शामिल एक छोटा और एक बड़ा ताज़िया लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। भगत सिंह सर्किल और अंबेडकर सर्किल से गुजरते हुए जुलूस में जिले भर से आए हजारों अकीदतमंद शामिल हुए।

जुलूस के दौरान मातमी धुनों और ढोल-ताशों के बीच विभिन्न अखाड़ों ने पारंपरिक करतब दिखाए। जेल चौराहा मैदान पहुंचने पर समाज के लोगों ने ताजियों पर फूल और सेहरा चढ़ाकर देश में अमन-चैन की दुआएं मांगीं। इस दौरान सड़कों और आसपास की छतों पर भारी भीड़ देखी गई।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन जुलूस की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। ट्रैफिक पुलिस ने आम लोगों की सुविधा के लिए जुलूस के रूट पर डायवर्जन लागू किया था। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पूरे मार्ग पर निगरानी रखी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अलवर में ताजियों का जुलूस कहाँ से निकाला गया?

अलवर में ताजियों का मुख्य जुलूस मेव बोर्डिंग परिसर से दोपहर 1:00 बजे रवाना हुआ।

ताजिये कहाँ सुपुर्द-ए-खाक किए गए?

दोनों ताजियों को शाम 6:00 बजे जेल चौराहा स्थित कर्बला मैदान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?

जिला प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त बल तैनात किया था और सुचारू यातायात के लिए रूट डायवर्जन लागू किया था।