राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश के सामने बरसों से बनी रहीं तीन बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां — कश्मीर, पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) और नक्सल प्रभावित इलाके — अब पूरी तरह शांति की राह पर हैं।
शाह ने इस दौरान सुरक्षा बलों के साझा प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में हालात सामान्य होने से आंतरिक मोर्चे पर देश मजबूत हुआ है।
नशामुक्त भारत का संकल्प और अर्थव्यवस्था पर वार
गृह मंत्री ने देशव्यापी एंटी-ड्रग्स कैंपेन को तेज करने पर जोर देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को मिलकर रणनीति तैयार करनी होगी।
नशे के कारोबार के दुष्प्रभावों पर बात करते हुए शाह ने कहा कि यह अवैध व्यापार केवल नई पीढ़ी को अंदर से खोखला नहीं कर रहा, बल्कि इससे पैदा होने वाला काला धन देशविरोधी गतिविधियों और आतंकी संगठनों तक पहुंचता है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी सीधा नुकसान पहुंचता है।
CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस की सराहना
नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), कोबरा (CoBRA) बटालियनों और छत्तीसगढ़ पुलिस के शौर्य की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने विपरीत परिस्थितियों में भी जिस धैर्य और पराक्रम का परिचय दिया है, उसी का परिणाम है कि नक्सलवाद का दायरा अब सिमट रहा है।
कार्यक्रम में शहीदों को नमन करते हुए शाह ने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक देश की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान 36,852 पुलिसकर्मी अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। इनमें इस साल कर्तव्य पथ पर शहीद हुए 154 कर्मी भी शामिल हैं।
एकता नगर के लिए बाइक रैली रवाना
स्मृति दिवस समारोह से पहले गृह मंत्री ने लगभग 90 पुलिस राइडर्स के एक अखिल भारतीय मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के जवान भी शामिल हैं।
यह देशव्यापी यात्रा विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। वहां राइडर्स 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मजयंती यानी राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर होने वाली एकता परेड में हिस्सा लेंगे।
