आनासागर झील में नहीं गिरेगा गंदा पानी, 22.60 करोड़ की लागत से शुरू हुआ कायाकल्प कार्य

अजमेर की ऐतिहासिक जिल मानी जाने वाली आनासागर झील को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अमृत 2.0 योजना के तहत आनासागर झील में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए नालों की ट्रैपिंग प्रणाली और झील कायाकल्प कार्य का शुभारंभ किया। वैशाली नगर स्थित पाथ-वे एंट्री गेट पर आयोजित कार्यक्रम में देवनानी ने कहा कि वर्षों से नालों का गंदा पानी सीधे आनासागर झील में पहुंच रहा था, जिसे रोकने के लिए अब प्रभावी व्यवस्था शुरू की गई है। परियोजना के तहत झील में गिरने वाले 13 प्रमुख नालों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे बिना उपचारित सीवेज झील में नहीं पहुंचेगा। इन दोनों परियोजनाओं पर करीब 22.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्य पूरा होने के बाद झील में प्रदूषण कम होगा और जल गुणवत्ता में सुधार आएगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों के जरिए झील की सुंदरता और पर्यटन महत्व को भी बढ़ावा मिलेगा। देवनानी ने बताया कि आनासागर की डिसिल्टिंग के लिए भी 10.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे झील की गहराई बढ़ेगी और जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एसटीपी की गुणवत्ता जांच कराई गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की  जाएगी।