Thursday, 22 October 2026
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अफीम नीति 2026-27 जल्द जारी करने की मांग: किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, समर्थन मूल्य 1 लाख रुपये करने का आग्रह

संक्षेप में

किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से अफीम नीति 2026-27 जल्द घोषित करने, 10 आरी के पट्टे बहाल करने और अफीम का समर्थन मूल्य 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम करने की मांग की है।

मुख्य बातें

  • श्यामलाल जोकचंद ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
  • अफीम नीति 2026-27 जल्द घोषित करने की मांग की गई
  • अफीम का समर्थन मूल्य 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम करने का आग्रह
  • 10 आरी के चिरा वाले पट्टे और 1997-98 के कटे पट्टे बहाल करने की मांग
मध्य प्रदेश
अफीम नीति 2026-27 जल्द जारी करने की मांग: किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, समर्थन मूल्य 1 लाख रुपये करने का आग्रह

मंदसौर में अफीम उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक और नीतिगत स्तर पर हलचल तेज हो गई है। किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने केंद्र सरकार से आगामी वर्ष की अफीम नीति जल्द घोषित करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में पट्टे बहाल करने से लेकर समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी तक कई प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।

समय पर नीति न आने से खेती की तैयारी में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए यह ज्ञापन दिया गया है। किसान नेताओं का कहना है कि नीति में देरी से किसानों को बुवाई और अन्य कृषि कार्यों का खाका तैयार करने में कठिनाई होती है, जिससे समय रहते सही फैसले लेना मुश्किल हो जाता है।

10 आरी के पट्टे और पारंपरिक चिरा पद्धति बहाल करने की मांग

ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई है कि 10 आरी के चिरा वाले अफीम खेती के पट्टे पूर्ववत बहाल किए जाएं। इसके अलावा, वर्ष 1997-98 में काटे गए पट्टों को भी फिर से शुरू करने और किसानों को पारंपरिक चिरा पद्धति से खेती करने की अनुमति देने की पुरजोर मांग उठाई गई है।

किसानों की ओर से यह भी कहा गया है कि अफीम का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम किया जाए। साथ ही, डोडा चूरा से जुड़े प्रावधानों में नरमी बरतने की मांग की गई है, ताकि किसानों को अनावश्यक कानूनी उलझनों से राहत मिल सके।

प्राकृतिक आपदाओं पर फसल बीमा और नीतिगत सुधार का आग्रह

फसल सुरक्षा के मोर्चे पर, ज्ञापन में मांग की गई है कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि या किसी भी प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान पहुंचने की स्थिति में किसानों को फसल बीमा योजना का पूरा लाभ मिलना चाहिए।

श्यामलाल जोकचंद और मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के अफीम उत्पादक किसानों ने केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से इन मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने का आग्रह किया है। किसानों का तर्क है कि यदि समय रहते इन मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले सीजन में किसानों को आर्थिक मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अफीम नीति 2026-27 को लेकर क्या मांग उठाई गई है?

किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से अफीम नीति 2026-27 को जल्द से जल्द घोषित करने की मांग की है ताकि किसानों को आगामी फसल की तैयारी में परेशानी न हो।

अफीम का समर्थन मूल्य कितना करने की मांग की गई है?

ज्ञापन में अफीम का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम करने की प्रमुख मांग रखी गई है।

पट्टों और खेती की पद्धति को लेकर क्या मांगें हैं?

किसानों ने 10 आरी के चिरा वाले पट्टे पूर्ववत बहाल करने, वर्ष 1997-98 में कटे पट्टों को फिर से शुरू करने और पारंपरिक चिरा पद्धति से खेती की अनुमति देने की मांग की है।

यह ज्ञापन किसे और किसकी तरफ से सौंपा गया है?

यह ज्ञापन किसान नेता श्यामलाल जोकचंद की ओर से मध्य प्रदेश और राजस्थान के अफीम उत्पादक किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया है।