Friday, 9 October 2026
अभी का दौर

आईफोन 18 प्रो की मांग में सुस्ती: एप्पल ने घटाई घटकों की सप्लाई, मेमोरी चिप के दाम बढ़ने से कीमतों पर दबाव

संक्षेप में

मांग में कमी और मेमोरी चिप्स की ऊंची लागत के चलते एप्पल ने आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स के घटकों के उत्पादन ऑर्डर में 15 से 20 प्रतिशत की कटौती कर दी है। भारत में आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये है।

मुख्य बातें

  • अक्टूबर के लिए एप्पल ने कंपोनेंट ऑर्डर 15 से 20 प्रतिशत घटाए
  • भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये
  • भारत में iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये
  • फोल्डेबल आईफोन Duo की भारत में कीमत 2,99,900 रुपये से शुरू
  • IDC के अनुसार 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में 16.7 प्रतिशत गिरावट का अनुमान
तकनीकी
आईफोन 18 प्रो की मांग में सुस्ती: एप्पल ने घटाई घटकों की सप्लाई, मेमोरी चिप के दाम बढ़ने से कीमतों पर दबाव

एप्पल ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स के कंपोनेंट (घटकों) के ऑर्डर में कटौती करना शुरू कर दिया है। निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने कुछ आपूर्तिकर्ताओं से अक्टूबर के लिए उत्पादन योजनाओं में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी करने के लिए कहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत और प्रीमियम मॉडलों की ऊंची कीमतों के कारण बाजार में अपेक्षित मांग नहीं मिल पा रही है।

भारत में क्या हैं नए आईफोन के दाम

नए प्रो मॉडल अपने पिछले संस्करणों की तुलना में महंगे हैं। भारत में आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये है, जबकि आईफोन 18 प्रो मैक्स की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये रखी गई है। अमेरिकी बाजार में भी दोनों फोन पिछले जनरेशन के मुकाबले 100 डॉलर अधिक कीमत पर उतारे गए थे।

एक भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड के पूर्व कार्यकारी ने बताया कि हर दो-तीन साल में फोन अपग्रेड करने वाले ग्राहकों के लिए यह कीमत छलांग काफी बड़ी है। अब खरीदारों को नए डिवाइस के फायदों और उस पर खर्च होने वाली अतिरिक्त राशि के बीच संतुलन बिठाना पड़ रहा है।

सितंबर में प्रीमियम मॉडलों की लॉन्चिंग के बाद से मांग वैसी मजबूत नहीं रही जैसी कंपनी को उम्मीद थी। यूबीएस एनालिस्ट्स के आंकड़ों के अनुसार, 30 से अधिक बाजारों में आईफोन 18 प्रो के लिए औसत वेटिंग टाइम (प्रतीक्षा अवधि) में कमी आई है। हालांकि, कम प्रतीक्षा अवधि का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि बिक्री गिर रही है, यह बेहतर सप्लाई को भी दर्शा सकता है। लेकिन अगर सप्लाई स्थिर रहने के बावजूद डिलीवरी का समय घटता है, तो इसका संकेत यही होता है कि डिवाइस के लिए मुकाबला करने वाले खरीदार कम हो गए हैं।

फोल्डेबल आईफोन 'Duo' की राह कितनी मुश्किल?

इस सुस्ती ने एप्पल के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन यानी आईफोन 'Duo' को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत में इस डिवाइस के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है। इतनी ऊंची कीमत प्रीमियम तकनीक पर ज्यादा खर्च करने को तैयार रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी इसे खरीदना एक कठिन फैसला बना सकती है।

निक्केई एशिया से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि एक स्मार्टफोन के लिहाज से यह फोन काफी महंगा है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि लॉन्च के बाद 'Duo' को भी इसी तरह की मांग की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। फोल्डेबल डिवाइस के सामने एक अतिरिक्त तकनीकी बाधा भी है। इसकी फोल्डिंग स्क्रीन के कारण निर्माण प्रक्रिया जटिल हो जाती है, जबकि एप्पल के सख्त क्वालिटी स्टैंडर्ड्स उत्पादन की चुनौतियों को और बढ़ा देते हैं।

महंगे होते स्मार्टफोन और वैश्विक बाजार का हाल

यह दबाव सिर्फ एप्पल तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर के लिए टेक कंपनियों के बीच मची होड़ के कारण मेमोरी चिप्स लगातार महंगे हो रहे हैं। इसका असर स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माताओं पर पड़ रहा है।

रिसर्च फर्म आईडीसी के अनुसार, साल 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में 16.7 प्रतिशत की गिरावट आने की उम्मीद है। वहीं, कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं, जिससे औसत बिक्री कीमतों में 27.6 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है।

भारत में कमजोर होता रुपया भी कीमतों पर दबाव को और बढ़ा रहा है। इससे खरीदारों के सामने एक मुश्किल विकल्प खड़ा हो गया है। जो लोग नए फीचर्स चाहते हैं, उन्हें अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है, जबकि अन्य लोग अपने पुराने फोन को ही लंबे समय तक इस्तेमाल करने या पुराने मॉडलों पर विचार करने का विकल्प चुन रहे हैं।

क्या अभी आईफोन खरीदना चाहिए या इंतजार करना बेहतर है?

एप्पल द्वारा उत्पादन में कटौती की खबरों का मतलब यह नहीं है कि आईफोन की कीमतें कम हो जाएंगी। कंपनी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह दाम घटाएगी या उत्पादन में और बदलाव करेगी।

पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट कृष्णा साई का कहना है कि अपग्रेड करने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि जल्द ही कोई बड़ी छूट मिलने वाली है। यदि आपका मौजूदा फोन ठीक से काम कर रहा है, तो इंतजार करने से आपको कीमतों और ऑफर्स की तुलना करने का अधिक समय मिल जाएगा। अगर आपको तुरंत रिप्लेसमेंट की जरूरत है, तो फैसला लेने से पहले आईफोन 18 प्रो की तुलना पुराने मॉडलों और अन्य प्रीमियम स्मार्टफोन से जरूर कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारत में iPhone 18 Pro और Pro Max की शुरुआती कीमत क्या है?

भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये है, जबकि iPhone 18 Pro Max की कीमत 1,79,900 रुपये से शुरू होती है।

एप्पल को आईफोन 18 प्रो के उत्पादन में क्यों कटौती करनी पड़ी?

मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत, ऊंची कीमतों और उम्मीद से कम मांग के कारण एप्पल ने अक्टूबर के लिए घटकों के ऑर्डर में 15 से 20 प्रतिशत की कटौती की है।

भारत में फोल्डेबल आईफोन Duo की कीमत कितनी है?

भारत में फोल्डेबल आईफोन Duo के 256GB वेरिएंट की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है।

क्या आईफोन की कीमतें कम होने की कोई संभावना है?

एप्पल ने कीमतों में कटौती की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, और विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कीमत घटने के भरोसे इंतजार करने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।