पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि परीक्षा प्रबंधन में सुधार नहीं होने पर राजस्थान में भविष्य में भी पेपर लीक की घटनाएं रुकेंगी नहीं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पिछली सरकार ने नकल विरोधी कड़े कानून के जरिए इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई थी।

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि ओएमआर शीट घोटाले के गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में बने कानून में आजीवन कारावास, नकल माफिया की संपत्ति कुर्क करने और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया था। गहलोत के मुताबिक- "केवल कड़ा कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होता, इसके लिए परीक्षा प्रबंधन को भी मजबूत करना जरूरी है।"

राहुल गांधी का माइक बंद करने का आरोप

संसद के घटनाक्रम पर बोलते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। गहलोत ने कहा कि लोकसभा में जब भी राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े होते हैं, उनका माइक बंद कर दिया जाता है और ऐसा लोकसभा स्पीकर के इशारे पर किया जाता है। नकल विरोधी विधेयक के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून को विपक्षी दलों के साथ व्यापक चर्चा और आम सहमति के बाद ही लाया जाना चाहिए था।

कांग्रेस की वापसी का दावा

राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि आज राजस्थान के हर घर में मौजूदा सरकार के कामकाज को लेकर नकारात्मक चर्चा हो रही है और मुख्यमंत्री को इस स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए।