बांसवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी की अगुवाई में गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया और आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और सूची से नाम हटाने के मामलों में चुनावी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इसका मकसद सत्तारूढ़ भाजपा को अनुचित राजनीतिक लाभ पहुंचाना है।

पार्टी कार्यालय से निकाली गई रैली

गुरुवार, 8 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जिला पार्टी कार्यालय से हुई। यहां से कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्कल पहुँची और अंत में जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन में बदल गई।

कलेक्ट्रेट गेट पर कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन भी किया गया, जिसमें नागरिकों के मताधिकार की रक्षा पर जोर दिया गया।

'लोकतंत्र बचाने के लिए जारी रहेगा संघर्ष'

प्रदर्शन के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसका विरोध लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन द्वारा देश स्तर पर किया जा रहा है।

कार्यकारी अध्यक्ष ने हाल ही में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ पुलिस द्वारा बदसलूकी की गई, जिसकी पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है। कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तब तक पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

इस विरोध प्रदर्शन और रैली के दौरान कृष्णपाल सिंह सिसोदिया, केशवचंद्र निनामा और राजेश टेलर समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।