नागौर के बड़ली इलाके में गुरुवार सुबह एक अवैध बारूद गोदाम में हुए जोरदार विस्फोट में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। सुबह 9:20 बजे हुए इस हादसे में दोनों युवकों के शरीर के चिथड़े उड़ गए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं और करीब आधे किलोमीटर तक की इमारतें दहल गईं।
घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने घटनास्थल से केमिकल और पोटेशियम नाइट्रेट के नमूने जुटाए हैं।
अवैध रूप से तैयार किया जा रहा था बारूद
मृतकों की पहचान नागौर शहर के बाजरवाड़ा निवासी 28 वर्षीय मोहम्मद आमिर सौरगर और उनके चचेरे भाई मुजिद सौरगर के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गोदाम में कथित तौर पर अवैध तरीके से पोटेशियम नाइट्रेट और अन्य रासायनिक पदार्थों को मिलाकर बारूद तैयार किया जाता था। अंदेशा जताया जा रहा है कि पटाखों में आग लगने या बारूद आपस में रगड़ने से चिंगारी निकली और यह भीषण विस्फोट हो गया।
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोदाम की छत उड़ गई और पट्टियां नीचे गिर गईं। आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
FSL जांच और प्रशासनिक पड़ताल
घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने गोदाम से मृतकों के अवशेष एकत्र किए। नागौर तहसीलदार नरसिंह टाक ने बताया कि फैक्ट्री के खुले आंगन में एक बिजली का पोल भी लगा हुआ है। शुरुआती पड़ताल में शॉर्ट सर्किट या बारूद की रगड़ से चिंगारी उठने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे की असल वजह FSL जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी।
लोगों में आक्रोश और हंगामा
हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने गोदाम के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को मौके से खदेड़ा। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है और अवैध गोदाम के संचालन से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
