नागौर के बड़ली इलाके में गुरुवार सुबह एक अवैध बारूद गोदाम में हुए जोरदार धमाके में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। सुबह करीब 9:40 बजे हुए इस हादसे में धमाका इतना तेज था कि मृतकों के शरीर के कई हिस्से बिखर गए। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि इस स्थान पर पोटेशियम नाइट्रेट मिलाकर अवैध रूप से बारूद तैयार किया जाता था। घटना के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों की पहचान 28 साल के मोहम्मद आमिर सौरगर और उनके 32 साल के चचेरे भाई मुजिद सौरगर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, इस गोदाम का संचालन करने वाले मुख्य मालिक का नाम मोहम्मद अमीन (50) है। हादसे के बाद से मालिक की क्या स्थिति है और वह कहां है, इसे लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
भीड़ का हंगामा और पुलिस का लाठीचार्ज
सुबह करीब 11:15 बजे घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों ने जब लोगों को गोदाम के बाहर से हटाने का प्रयास किया, तो भीड़ की ओर से पथराव कर दिया गया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और खदेड़कर इलाके को खाली कराया। इस मामले में पुलिस ने अब तक 5 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
एफएसएल जांच और केमिकल सैंपल
घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों के अनुसार, धमाके वाली जगह और आसपास के क्षेत्र से पोटेशियम नाइट्रेट सहित कई अन्य केमिकल के सैंपल जुटाए गए हैं। इसके अलावा, बिखरे हुए बॉडी पार्ट्स को सुरक्षित समेटने के लिए पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई है।
फिलहाल, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि गोदाम के भीतर यह धमाका किस वजह से हुआ। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि बारूद बनाने की प्रक्रिया के दौरान कोई तकनीकी चूक हुई या तापमान बढ़ने से यह हादसा हुआ। नागौर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है और आसपास के ढांचों की सुरक्षा की जांच की जा रही है।
