राज्य स्तरीय एंटी नारकोटिक्स अभियान के तहत महेश्वर पुलिस ने एक बड़े अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ग्राम बड़वेल में दो अलग-अलग खेतों पर दबिश देकर पुलिस ने कपास और तुअर की मुख्य फसल के बीच उगाई जा रही गांजे की अवैध खेती पकड़ी है।
कार्रवाई के दौरान मौके से गांजे के कुल 321 पौधे बरामद किए गए, जिनका वजन 4 क्विंटल 44 किलो से अधिक है। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत 44 लाख 37 हजार रुपए आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर बड़वेल में दबिश
थाना प्रभारी जगदीश गोयल के नेतृत्व में महेश्वर पुलिस ने मुखबिर तंत्र से मिली सटीक जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बड़वेल निवासी मयाराम डावर और जगन उर्फ दयाराम अपने निजी खेतों में पारंपरिक फसलों की आड़ में गांजे के पौधे तैयार कर रहे हैं।
सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीमों ने महेश्वर क्षेत्र के बड़वेल गांव स्थित दोनों संदिग्ध खेतों पर एक साथ छापा मारा। तलाशी के दौरान मयाराम के खेत से 189 और जगन के खेत से 132 गांजे के पौधे जप्त किए गए।
एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों मयाराम डावर और जगन उर्फ दयाराम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। कार्रवाई की पुष्टि करते हुए SDOP श्वेता शुक्ला ने बताया कि मादक पदार्थों की खेती और अवैध तस्करी पर लगाम लगाने के लिए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी तलाश में महेश्वर पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
