राजस्थान के लिए बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को लेकर बड़ी पहल सामने आयी है जानकारी के मुताबिक आपको बता दे की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया, जहां यमुना नदी के पानी को राजस्थान, विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में अहम चर्चा हुई। बैठक में दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया तथा समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राजस्थान के भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इस परियोजना के धरातल पर उतरने से चूरू, सीकर और झुंझुनूं जैसे जिलों के लाखों लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी, वहीं लंबे समय से सिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को भी बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से वर्षों पुरानी इस मांग को अब मूर्त रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। बैठक में यह भी जानकारी साझा की गई कि राजस्थान तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन आधारित संयुक्त विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय जल आयोग को सौंपी गयी और आवश्यक वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। सरकार के अनुसार यमुना जल परियोजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे कृषि, ग्रामीण विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेने की उम्मीद है... दशकों से चली आ रही मांग के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के साकार होने की उम्मीद तेज हो गयी है और ऐसा माना जा रहा है कि दोनों राज्यों के बीच अंतिम समझौते के बाद शेखावाटी क्षेत्र के विकास का एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है।
