बूंदी जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कामकाज पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जिले में जल संचय और संवर्धन से जुड़ी परियोजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समीक्षा के दौरान रामसेतु निर्माण और गरड़दा डेम प्रोजेक्ट की प्रगति की रिपोर्ट भी ली गई।

जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में जल संवर्धन, जल संरक्षण और इससे जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के अब तक के आंकड़ों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि जिले भर में विभिन्न विभागों के माध्यम से कुल 5500 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने जल अर्पण स्कीम के तहत 61 ग्राम पंचायतों को कार्यों के हस्तांतरण की प्रक्रिया का भी जायजा लिया।

साइबर थाने का निरीक्षण और क्राइम मीटिंग

कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले मुख्य सचिव ने बूंदी के नए साइबर थाने का औचक निरीक्षण किया। थाने पहुंचने पर पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान आईजी हरेंद्र कुमार, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव, एसपी अवनीश कुमार शर्मा और कोटा जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों से मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण की प्रणाली को परखा। इस सिलसिले में पुलिस अधिकारियों के साथ एक क्राइम मीटिंग भी की गई।

साइबर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने कहा कि यह उनका पांचवां साइबर थाना निरीक्षण है। प्रधानमंत्री स्तर पर इस मोर्चे पर विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। अन्य जिलों के आंकड़ों से तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि बूंदी में साइबर अपराधों का ग्राफ अपेक्षाकृत कम है।

पेयजल और सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा

बैठक में जल आपूर्ति और कृषि क्षेत्र की जरूरतों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में हर 12 घंटे के अंतराल पर आम जनता को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा कृषि कार्यों और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासनिक स्तर पर चल रहे इन विकास कार्यों और जल संरक्षण अभियानों की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों के कामकाज को संतोषजनक बताया और गति बनाए रखने के निर्देश दिए।