Monday, 19 October 2026
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छिंदवाड़ा: कमल कुंज में पूर्व सांसद नकुलनाथ ने निभाई परंपरा, नवमी पर कन्याओं को कराया भोजन

संक्षेप में

छिंदवाड़ा के कमल कुंज आवास पर पूर्व सांसद नकुलनाथ ने शारदीय नवरात्रि की नवमी पर कन्या भोज का आयोजन किया। उन्होंने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और उन्हें भोजन व उपहार भेंट किए।

मुख्य बातें

  • छिंदवाड़ा स्थित कमल कुंज में पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कन्या भोज कराया।
  • यह आयोजन शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर किया गया।
  • नकुलनाथ ने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और उपहार भेंट किए।
मध्य प्रदेश
छिंदवाड़ा: कमल कुंज में पूर्व सांसद नकुलनाथ ने निभाई परंपरा, नवमी पर कन्याओं को कराया भोजन

शारदीय नवरात्रि की नवमी पर छिंदवाड़ा के 'कमल कुंज' आवास पर हर साल की तरह इस बार भी कन्या भोज का आयोजन किया गया। पूर्व सांसद नकुलनाथ ने पारंपरिक अनुष्ठान के तहत बड़ी संख्या में कन्याओं को आमंत्रित कर उन्हें अपने हाथों से भोजन कराया।

चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद

कार्यक्रम के दौरान नकुलनाथ ने सभी कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर आमंत्रित कन्याओं को विविध व्यंजनों के साथ उपहार भी भेंट किए गए। अनुष्ठान के बाद नकुलनाथ ने क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

कन्या भोज के इस आयोजन के बाद पत्रकारों से चर्चा में पूर्व सांसद ने कहा कि कमल कुंज में कन्या पूजन की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परंपरा का निरंतर पालन किया जा रहा है और आगे भी इसे पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ जारी रखा जाएगा। नवरात्रि की नवमी तिथि पर कन्याओं को देवी का रूप मानकर भोजन कराने और उनका आशीर्वाद लेने का विशेष महत्व माना गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

छिंदवाड़ा के कमल कुंज में कन्या भोज का आयोजन किसने किया?

छिंदवाड़ा के कमल कुंज में पूर्व सांसद नकुलनाथ ने शारदीय नवरात्रि की नवमी पर कन्या भोज का आयोजन किया।

कमल कुंज में कन्या भोज का यह कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित हुआ?

यह कार्यक्रम शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जो यहां की एक पुरानी परंपरा है।

कन्या भोज के दौरान क्या विशेष कार्यक्रम हुआ?

पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, उन्हें विधि-विधान से भोजन कराया और उपहार भेंट किए।