देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत छह राज्यों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी तरफ, पहाड़ी राज्यों में मौसम ने करवट ली है और हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है।

गुरुवार सुबह हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, भरमौर और मनाली के ऊंचे पहाड़ों पर एक से डेढ़ इंच तक बर्फ की परत बिछ गई। आमतौर पर इन क्षेत्रों में 15 अक्टूबर के आसपास हिमपात होता है, लेकिन इस बार करीब एक महीना पहले ही पहाड़ों पर बर्फ देखने को मिली है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी बदला मौसम

मैदानी इलाकों में जहां बारिश का दौर जारी है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंडक बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले की एलओसी के पास स्थित गुरेज घाटी के काबुल गली इलाके में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। गुरेज घाटी में सर्दियां लंबी होती हैं, लेकिन इतनी जल्दी बर्फ गिरना स्थानीय मौसम चक्र में बदलाव को दर्शाता है।

उत्तराखंड के केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और चमोली स्थित रुद्रनाथ धाम में भी ओलावृष्टि के साथ हल्की बर्फबारी हुई है। देहरादून में गुरुवार सुबह तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर एक बार फिर लैंडस्लाइड होने से आवाजाही बाधित हुई है, जिसे साफ करने का काम जारी है।

बिहार में बाढ़ का संकट बरकरार

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों में बारिश के बीच बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 50 लाख आबादी अभी भी बाढ़ से प्रभावित है। इसके अलावा मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

बाढ़ और भारी बारिश के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। बिहार में 700 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गईं, जिनमें 100 से अधिक सड़कें पूरी तरह बह चुकी हैं। इसके अलावा 400 सड़कें 50 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुकी हैं और 200 अन्य सड़कों को भी भारी क्षति पहुंची है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।