मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर (SIR) रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली छावनी में तब्दील हो गई है। जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस पर जुटने की कोशिश कर रहे यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत 600 से अधिक समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर राजधानी में बड़े पैमाने पर पाबंदियां लागू की गई हैं।
प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात से निपटने के लिए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा- "यह ताकत नहीं, बल्कि डर की निशानी है। हमारा प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सरकार ने हार मान ली है।"
सुरक्षा के भारी इंतजाम: 38 हजार जवान तैनात, 250 ट्रेनें रद्द
राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए बीएसएफ (BSF) जवानों समेत 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। आवाजाही पर रोक के चलते नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने वाली 250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए हैं और 10 अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंडिया गेट के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।
एमजी रोड पर दिल्ली पुलिस वाहनों और बसों की गहन चेकिंग कर रही है। महरौली समेत कई संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणा कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। बिना पहचान पत्र के पहुंच रहे संदिग्धों को पुलिस तुरंत हिरासत में ले रही है।
कनॉट प्लेस पर हंगामा, गाड़ी में छात्र के बेहोश होने का आरोप
शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे कनॉट प्लेस स्थित इंदिरा चौक पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान कुछ छात्र पास के पब्लिक टॉयलेट में छिप गए थे, जिन्हें निकालकर करीब 50 छात्रों को गाड़ियों में बैठाया गया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाहन के भीतर दम घुटने से एक प्रदर्शनकारी बेहोश हो गया। इस बात से गुस्साए छात्रों ने पुलिस वाहन पर हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए। इंदिरा चौक अकेले इलाके से अब तक 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि निषेधाज्ञा और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
