नवलगढ़ स्थित घेर के मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। रथ यात्रा का शुभारंभ विधिवत महाआरती, दीप प्रज्वलन और शंखनाद के साथ हुआ। "जय जगन्नाथ" के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सबसे विशेष और भावुक क्षण वह रहा जब श्रद्धालुओं ने स्वयं रस्सी पकड़कर भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने का अवसर मिलना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।जैसे-जैसे रथ आगे बढ़ता गया, श्रद्धालु एक स्वर में "जय जगन्नाथ" के जयकारे लगाते रहे। भक्ति, आस्था और उल्लास का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला जिसने पूरे नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था के भी उचित प्रबंध किए गए। नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर भगवान जगन्नाथ का स्वागत किया और सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की। लोकमत भारत की ओर से भगवान श्री जगन्नाथ जी से सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना।
नवलगढ़ में निकली भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा
संक्षेप में
नवलगढ़ स्थित घेर के मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। महाआरती, दीप प्रज्वलन और शंखनाद के साथ शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने स्वयं रस्सी पकड़कर भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचा और "जय जगन्नाथ" के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो गया
आपणो राजस्थान
