भारतीय शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग करने वालों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। अगस्त 2026 से बाजार के ट्रेडिंग समय में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को अब दांव लगाने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। आइए जानते हैं कि इस बदलाव से मार्केट की टाइमिंग और आपके ट्रेडिंग के तरीकों पर क्या असर पड़ेगा।
क्या है नया समय और किस पर होगा लागू?
नए नियमों के मुताबिक, F&O सेगमेंट के क्लोजिंग टाइम को 10 मिनट आगे बढ़ा दिया गया है।
- F&O का नया समय: वर्तमान में F&O मार्केट शाम 3:30 बजे बंद होता है, लेकिन अगस्त 2026 से यह शाम 3:40 बजे बंद होगा।
- कैश मार्केट में कोई बदलाव नहीं: ध्यान रहे कि यह बदलाव केवल F&O सेगमेंट के लिए है। सामान्य शेयरों की खरीद-बिक्री यानी कैश मार्केट (Cash Market) पहले की तरह ही दोपहर 3:30 बजे बंद हो जाएगा।
क्लोजिंग प्राइस तय होने का बदलेगा गणित
समय बदलने से फ्यूचर्स का क्लोजिंग भाव (Closing Price) तय करने का तरीका भी बदल जाएगा। हालांकि फॉर्मूला पुराना ही रहेगा, लेकिन समय की गणना इस प्रकार होगी:
पहले का नियम: दोपहर 3:00 बजे से 3:30 बजे के बीच के VWAP (Volume Weighted Average Price) से क्लोजिंग भाव तय होता था।
नया नियम: अब दोपहर 3:10 बजे से 3:40 बजे के बीच के VWAP के आधार पर क्लोजिंग प्राइस की गणना की जाएगी।
ट्रेडर्स और निवेशकों को क्या होगा फायदा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आखिरी के ये 10 मिनट ट्रेडर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं:
- उतार-चढ़ाव से निपटने का मौका: भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) वाले दिनों में ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन संभालने और सही फैसले लेने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
- बेहतर हेजिंग: कैश मार्केट 3:30 बजे बंद होने के बाद, F&O ट्रेडर्स को अगले 10 मिनट में अपनी पोजीशन को बेहतर तरीके से एडजस्ट या हेज (Hedge) करने की सुविधा मिलेगी।
- बाजार की कार्यकुशलता: नियामक और एक्सचेंजों द्वारा लिया गया यह फैसला बाजार की दक्षता (Efficiency) को बढ़ाने और निवेशकों को अधिक सहूलियत देने के उद्देश्य से किया गया है।
निवेशकों के लिए सलाह: अगर आप F&O में एक्टिव ट्रेडिंग करते हैं, तो इस नए टाइम टेबल को नोट कर लें ताकि अगस्त से आप बिना किसी चूक के अपनी रणनीतियां बना सकें।
