भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने पर दो बड़ी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने एवररेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोदहू एंड कंपनी के हींग पाउडर की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला की जांच में इन कंपनियों के सैंपल मिसब्रांडेड और अमानक पाए गए हैं।

नियामक के मुताबिक, एवररेस्ट के कंपाउंडेड हींग पाउडर के सैंपल खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद और खाद्य योजक) विनियम, 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए गए। जांच में इन उत्पादों का अल्कोहल-घुलनशील अर्क (alcohol-soluble extract) शून्य प्रतिशत पाया गया, जबकि मानक के अनुसार यह कम से कम 5 प्रतिशत होना अनिवार्य है।

दोनों कंपनियों के सैंपल में क्या गड़बड़ी मिली?

एवररेस्ट के अन्य उत्पादों की जांच में भी गंभीर कमियां सामने आई हैं। नियामक के अनुसार, येलो हींग पाउडर और ब्लैक हींग पाउडर के सैंपल भी अमानक पाए गए, जिनमें एल्कोहलिक एक्सट्रैक्ट क्रमशः 3.29 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत ही दर्ज किया गया।

दूसरी ओर, लालजी गोदहू एंड कंपनी के मामले में भी FSSAI ने इसी तरह की अनियमितताएं पकड़ी हैं। कंपनी के हींग पाउडर और ढेला (Lump) दोनों रूपों के सैंपल अमानक और मिलावटी पाए गए। जांच में सामने आया कि कंपाउंडेड हींग के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे हींग में स्टार्च की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक थी। नियमों के तहत हींग में स्टार्च का वजन 1 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।

कंपनियों को देना होगा एक्शन प्लान

FSSAI ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर इस गड़बड़ी को सुधारने और भविष्य में मानक उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान मांगा है। नियामक ने स्पष्ट किया है कि कंपनियों को FSS (फूड प्रोडक्ट्स एंड फूड एडिटिव्स) रेगुलेशंस, 2006 के तहत तय लाइसेंस शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। तय मानकों का पालन न करने पर कंपनियों के खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।