मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के मतदाताओं के सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड पड़ोसी जिले महेश्वर में मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस पूरी घटना पर सवाल उठाते हुए राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में वोटों की हेराफेरी के जरिए सरकार बनाई गई है।
महेश्वर तक कैसे पहुंचे पहचान पत्र?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि महेश्वर में बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्रों का मिलना कोई साधारण लापरवाही नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंदौर के वोटरों के ये कार्ड वहां तक कैसे पहुंचे, इन्हें कौन लेकर गया और इसके पीछे किसका हाथ था।
उन्होंने कहा- "यह लोकतंत्र और मताधिकार की पारदर्शिता पर सीधा प्रहार है। देश की जनता को यह जवाब मिलना चाहिए कि मतदाता सूचियों की सुरक्षा की असल जिम्मेदारी किसकी है।" वर्मा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी इस मामले में जवाब तलब करते हुए तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
1 नवंबर को दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस नेता ने घोषणा की कि इस तरह के मामलों और चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन के जरिए मताधिकार की सुरक्षा और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाएंगे।
फिलहाल, इंदौर के इन वोटर आईडी कार्डों के महेश्वर पहुंचने के पीछे असल वजह क्या थी, इसका खुलासा प्रशासनिक या स्वतंत्र जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
