नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' सीजन 2 के तीसरे एपिसोड में प्रतिभागी साक्षी झा के ऑडिशन ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। खुद को 'मैन-हेटर' बताने वाली साक्षी ने अपने ऑडिशन के दौरान पुरुषों के खिलाफ विवादित टिप्पणियां कीं, जिसके बाद जजों के पैनल ने उन्हें सर्वसम्मति से शून्य अंक दिए।
विवादित बयानों से भरी प्रस्तुति ऑडिशन के दौरान साक्षी ने कहा कि उन्हें पुरुषों के अहंकार को तोड़ने में खुशी मिलती है। उन्होंने अपने फॉर्म में अपने जीवन का लक्ष्य "शराब पीने के बाद पति को पीटना" लिखा था। जब जजों ने इस बारे में पूछा, तो उन्होंने इसे दोहराते हुए कहा कि वह वास्तव में ऐसा करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह अपने पिता, दादा और भाई से भी नफरत करती हैं। मंच पर मौजूद जजों—समय रैना, तन्मय भट्ट, विशाल ददलानी, रघु राम और यशराज मेहरा—ने जब उनसे इस नफरत का कारण पूछा, तो उन्होंने इसे 'जेनरेशनल ट्रॉमा' करार दिया।
जजों और दर्शकों की प्रतिक्रिया साक्षी की बातों से न तो जज प्रभावित हुए और न ही दर्शक। शो के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी कंटेस्टेंट को सभी जजों से शून्य अंक मिले। जजों ने स्कोर देने के बाद दर्शकों से भी राय मांगी, जिसके जवाब में पूरा हॉल 'जीरो' चिल्लाने लगा। रघु राम ने कटाक्ष करते हुए कहा, "तुम्हारी वजह से लोग अब पुरुषों को और ज्यादा पसंद करेंगे।"
सोशल मीडिया पर आलोचना एपिसोड प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर साक्षी के वीडियो क्लिप्स वायरल हो गए। यूजर्स ने उनके बयानों को नारीवाद (feminism) का गलत चित्रण बताया। कई लोगों ने टिप्पणी की कि 'मिसएंड्री' (पुरुषों से नफरत) को नारीवाद नहीं कहा जा सकता। ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी उनके बयानों से खुद को अलग करते हुए इसे शर्मनाक करार दिया। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे बयानों से वास्तविक महिला अधिकारों के संघर्ष को नुकसान पहुंचता है। यह शो वर्तमान में नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर उपलब्ध है।
