राजस्थान में मानसून की सुस्ती अब सरकार और किसानों दोनों की चिंता बढ़ाने में लगी है। जल संसाधन विभाग के 17 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 693 बांधों में से 282 पूरी तरह खाली हो चुके हैं, जबकि 404 बांधों में ही आंशिक जलभराव है और केवल 7 बांध अपनी पूर्ण क्षमता पर हैं। वर्तमान में राज्य के बांधों की कुल जल संग्रहण क्षमता सिर्फ 45.43 फीसदी रह गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 63.20 फीसदी थी। मानसून शुरू होने के बावजूद पिछले एक महीने में जलस्तर में बहुत मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे खरीफ सीजन और पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। जल संकट को देखते हुए राजस्थान सरकार ने हाड़ौती क्षेत्र के किसानों की मांग पर मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर गांधी सागर बांध से 4500 क्यूसेक पानी छोड़ने का अनुरोध किया है, हालांकि अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। क्षेत्रवार स्थिति देखें तो जोधपुर जोन के 117 बांधों में सबसे कम 17.76 फीसदी पानी बचा है, जबकि कोटा जोन में 56.18 फीसदी, जयपुर में 47.56 फीसदी, भरतपुर में 25.48 फीसदी, बांसवाड़ा में 45.36 फीसदी और उदयपुर जोन में 36.60 फीसदी जल उपलब्ध है। प्रमुख जलाशयों में बीसलपुर बांध 66.85 फीसदी, राणा प्रताप सागर 66.39 फीसदी और माही बजाज सागर 46.29 फीसदी क्षमता पर हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर बना रहेगा, लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 21 जुलाई से कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग में बारिश बढ़ सकती है, जबकि 22-23 जुलाई से मध्य और पश्चिमी राजस्थान तथा 23 से 28 जुलाई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी अच्छी बारिश के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई के अंतिम सप्ताह में अपेक्षित बारिश नहीं हुई तो प्रदेश में जल संकट और गहरा सकता है तथा कृषि और पेयजल व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
राजस्थान में जल संकट गहराया 693 में से 282 बांध पूरी तरह से खाली
राजस्थान में मानसून की सुस्ती अब सरकार और किसानों दोनों की चिंता बढ़ाने में लगी है। जल संसाधन विभाग के 17 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 693 बांधों में से 282 पूरी तरह खाली हो चुके हैं, जबकि 404 बांधों में ही आंशिक जलभराव है और केवल 7 बांध अपनी पूर्ण क्षमता पर हैं।
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मुख्य बातें
- राजस्थान में मानसून की सुस्ती अब सरकार और किसानों दोनों की चिंता बढ़ाने में लगी है
- जल संसाधन विभाग के 17 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 693 बांधों में से 282 पूरी तरह खाली हो चुके हैं
- 404 बांधों में ही आंशिक जलभराव है और केवल 7 बांध अपनी पूर्ण क्षमता पर हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान में जल संकट क्यों गहराता जा रहा है
कमजोर मानसून के कारण 693 में से 282 बांध खाली हो चुके हैं और जलस्तर लगातार घट रहा है।
राजस्थान के कितने बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं?
प्रदेश के 693 बांधों में से 282 बांध पूरी तरह खाली हो चुके हैं।
