भारत ने रचा नया अंतरिक्ष इतिहास, पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' सफलतापूर्वक लॉन्च:

 भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस ने देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के सतीश धवन स्पेस सेंटर से शनिवार दोपहर 12:05 बजे लॉन्च किया गया यह मिशन पहले ही प्रयास में पूरी तरह सफल रहा। रॉकेट का निर्माण और लॉन्च ऑपरेशन स्काईरूट एयरोस्पेस ने स्वयं किया, जबकि लॉन्चपैड इसरो का उपयोग किया गया। 2018 में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका द्वारा स्थापित इस स्टार्टअप ने 2022 में विक्रम-एस सब-ऑर्बिटल रॉकेट की सफलता के बाद अब विक्रम-1 को पृथ्वी की लगभग 450 किलोमीटर ऊंची लो-अर्थ ऑर्बिट में स्थापित कर नया कीर्तिमान बनाया है। 'मिशन आगमन' नाम के इस अभियान के तहत रॉकेट ने कई टेक्नोलॉजी और कमर्शियल पेलोड्स के साथ 18 कैरेट सोने से बना विशेष माइक्रो-आर्ट पीस, जिसमें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, डॉ. विक्रम साराभाई और सर सी.वी. रमन की सूक्ष्म आकृतियां उकेरी गई हैं, और उन्हें  अंतरिक्ष तक पहुंचाया। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा 'वंदे मातरम्' संदेश वाला पोस्टकार्ड भी इस मिशन का हिस्सा रहा। इस सफलता को भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए एक बड़ी छलांग माना जा रहा है, जो भविष्य में देश की अंतरिक्ष तकनीक और वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में भारत की भागीदारी को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।