सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक व्हीकल मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप के जरिए ब्लूटूथ आधारित ईवी को दूर बैठे ही बंद किया जा सकता है। हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों का मानना  है कि इसे हैकिंग बताना पूरी तरह सही नहीं है। दरअसल, यह समस्या कई ईवी बैटरियों में डिफॉल्ट पासवर्ड और कमजोर सुरक्षा सेटिंग्स की वजह से सामने आती है। अधिकांश ब्लूटूथ आधारित लिथियम-आयन बैटरियों में 1234 या 0000 जैसे सामान्य पासवर्ड ही सक्रिय रहते हैं, जिनका गलत इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति बैटरी से कनेक्ट होकर डिस्चार्ज स्विच बंद कर सकता है, जिससे वाहन कुछ समय के लिए बंद हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वाहन मालिक समय रहते बैटरी का डिफॉल्ट पासवर्ड बदल दें, मजबूत सिक्योरिटी सेटिंग्स अपनाएं और ब्लूटूथ विजिबिलिटी को सीमित रखें, तो इस तरह की छेड़छाड़ की आशंका लगभग समाप्त हो जाती है। वहीं यदि चलते समय ईवी अचानक बंद हो जाए तो घबराने की बजाय पहले वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोकें, बैटरी की एमसीबी और इग्निशन रीसेट करें तथा अधिकृत ऐप या तकनीशियन की मदद से बैटरी की सेटिंग्स दोबारा सक्रिय करें। विशेषज्ञों ने लोगों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक दावों से बचने और तकनीकी सुरक्षा उपाय करने की अपील की है।