जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम सहित देश के तीन बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में बिना पूर्व अनुमति किसी भी खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक लगाई गयी  दी है। शुक्रवार, 10 जुलाई को जारी अंतरिम आदेश में NGT ने कहा कि जब तक संबंधित स्टेडियम प्रशासन पर्यावरण मानकों के पालन, भूजल उपयोग और संरक्षण से जुड़ी जरूरी रिपोर्ट पेश नहीं करता और ट्रिब्यूनल से अनुमति नहीं लेता, तब तक इन मैदानों पर किसी भी बड़े मैच या खेल आयोजन की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का असर जयपुर के SMS स्टेडियम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम और मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम पर भी पड़ने वाला है.. 

मामला स्टेडियमों में मैदान की हरी घास और आउटफील्ड के रखरखाव के लिए बड़ी मात्रा में भूजल के इस्तेमाल से जुड़ा है। NGT और सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (CGWA) की ओर से पहले भी स्टेडियम प्रशासन को पर्यावरण नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि SMS स्टेडियम प्रशासन ने भूजल उपयोग और संरक्षण से संबंधित जरूरी जानकारी व रिपोर्ट समय पर जमा नहीं की। इसी को देखते हुए NGT ने सख्त रुख अपनाते हुए यह अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया है...  

NGT ने अपने आदेश में सभी क्रिकेट संघों और खेल संस्थानों को निर्देश दिए थे कि मैदानों की सिंचाई के लिए पीने योग्य पानी या भूजल की जगह केवल ट्रीटेड सीवेज वाटर का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा स्टेडियम परिसरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और भूजल संरक्षण के तय मानकों का पालन करने के लिए कहा गया....  ट्रिब्यूनल ने देश में बढ़ते जल संकट और गिरते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़े खेल संस्थानों को पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अब CGWA इन स्टेडियमों से मिले जवाबों के आधार पर नई कंप्लायंस रिपोर्ट तैयार करेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को होनी है  तब तक यह रोक प्रभावी रहने की संभावना है....