झुंझुनूं जिले में त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया। जिले की 6 पंचायत समितियों के 102 वार्डों और जिला परिषद के 16 वार्ड सदस्यों के निर्वाचन के लिए ग्रामीण मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखनी शुरू हो गई हैं।
जिले के 167 ग्राम पंचायतों के दायरे में आने वाले 604 मतदान केंद्रों पर कुल 5,65,000 मतदाता पंजीकृत हैं, जो चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। मतदान प्रक्रिया को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा उत्साह बना हुआ है।
444 उम्मीदवार मैदान में, चिड़ावा में सबसे कड़ा मुकाबला
पंचायत समिति सदस्यों के इन मुकाबलों में कुल 444 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें चिड़ावा पंचायत समिति क्षेत्र में सबसे ज्यादा 92 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं, जबकि सूरजगढ़ में सबसे कम 51 प्रत्याशी ही चुनाव लड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर हो रहे इन चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, 1200 से ज्यादा जवान तैनात
मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। चुनाव ड्यूटी में कुल 1,208 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 611 पुलिसकर्मी और 597 होमगาร์ड्स के जवान शामिल हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
बुनियादी सुविधाएं बने मुख्य चुनावी मुद्दे
गांवों की सरकार चुनने के लिए हो रहे इस मतदान में ग्रामीण मतदाताओं के जेहन में मूलभूत विकास के मुद्दे सबसे ऊपर हैं। सड़क संपर्क, पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति, और गांवों में साफ-सफाई जैसी समस्याएं मतदाताओं के मुख्य एजेंडे में शुमार हैं। वोट डालने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि वे ऐसे प्रतिनिधियों को चुनना चाहते हैं जो उनकी इन बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करवा सकें।
फिलहाल सभी 604 बूथों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। मतदान का यह सिलसिला शाम तक चलेगा, जिसके बाद बैलेट बॉक्स स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखवाए जाएंगे। अब सबकी निगाहें शाम को आने वाले अंतिम मतदान प्रतिशत पर टिकी हुई हैं।
