जयपुर के ऐतिहासिक मंदिर श्री राम चंद्र जी के प्रांगण में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) की ओर से श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिकता और संस्कृति के इस संगम का प्रत्यक्ष अनुभव किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली के द्वारका स्थित संस्थान के मुख्य केंद्र से किया गया सीधा प्रसारण रहा, जिसे जयपुर में बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया।

द्वारका से सीधा प्रसारण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए भक्तों के लिए द्वारका (दिल्ली) के मुख्य जन्माष्टमी महोत्सव का लाइव प्रसारण प्रदर्शित किया गया। दिल्ली से प्रसारित उच्च स्तरीय भजनों, आध्यात्मिक संदेशों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। जयपुर के श्रद्धालुओं ने एक ही समय में दिल्ली के मुख्य समारोह और स्थानीय आयोजन दोनों का अनुभव प्राप्त किया।

प्रसारण के दौरान गूंजते भजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मंदिर के पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

सजीव झांकियां और महाप्रसाद वितरण

संस्थान की जयपुर शाखा के सेवादारों ने मंदिर प्रांगण में भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप से लेकर रासलीला तक के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाती हुई आकर्षक झांकियां सजाईं। इन झांकियों की सजीवता और उत्कृष्ट सजावट ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया, और पूरा परिसर "जय श्री कृष्णा" के जयकारों से गूंज उठा।

संगीतबद्ध भजनों के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी उपस्थित भक्तों को पावन महाप्रसाद वितरित किया गया, जिसके साथ ही इस वार्षिक उत्सव का समापन हुआ।

आत्म-जाग्रति और भक्ति का संदेश

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रवक्ताओं ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में समाज के हर वर्ग तक ईश्वर की वास्तविक भक्ति और आत्म-जाग्रति की प्रेरणा पहुंचाना है। इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना है।

मंदिर श्री राम चंद्र जी में हुए इस आयोजन ने जयपुर वासियों को आध्यात्मिकता के एक अनूठे अनुभव से सराबोर कर दिया, जिसकी चर्चा शहर भर में है।