मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित खेतिया कृषि उपज मंडी में कपास और अनाज की खरीदी का विधिवत शुभारंभ हो गया है। सीजन के पहले ही दिन मंडी परिसर में 100 से अधिक वाहन पहुंचे, जिससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आ गई है। प्रदेश की दूसरे नंबर की इस सबसे बड़ी कपास मंडी में पहले दिन किसानों को अच्छे दाम मिले।

शुभारंभ अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्याम बर्डे ने मंडी समिति के सदस्यों के साथ पूजा-अर्चना कर नीलामी कार्य की शुरुआत की। मुहूर्त के साथ ही बोली लगने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से पहुंचे किसानों में उत्साह नजर आया।

किसानों को मिला 9009 रुपये तक का भाव

मंडी में पहले दिन महाराष्ट्र से पहुंचे कपास की भारी आवक दर्ज की गई। नीलामी के दौरान कपास का उच्चतम भाव 9009 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, जबकि मक्का का भाव 1810 रुपये दर्ज किया गया। बेहतर कीमतों के चलते किसानों ने अपनी उपज उत्साह के साथ बेची।

क्षेत्रीय जिनिंग व्यवसायियों ने इस अवसर पर किसानों को शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक मात्रा में अपनी उपज मंडी लाने की अपील की है। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि इस बार आवक का यह आंकड़ा पूरे सीजन के दौरान और ऊपर जाएगा।

नकदी भुगतान और सीमावर्ती किसानों की सुविधा

खेतिया मंडी केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के किसानों के लिए भी एक प्रमुख कृषि बाजार है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी प्रशासन ने 2 लाख रुपये तक के नकद भुगतान की व्यवस्था की है।

मंडी सचिव ने किसानों से स्पष्ट आह्वान किया है कि वे बिचौलियों के चक्कर में पड़ने के बजाय अपनी उपज सीधे खेतिया कृषि उपज मंडी में ही लाएं। इससे किसानों को सटीक तौल और पारदर्शी तरीके से सही दाम मिलना सुनिश्चित होता है।