लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के OSD राजीव दत्ता को सार्वजनिक मंच से धमकी देने के मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोटा के रानपुर थाने में यह कार्रवाई पुलिस कॉन्स्टेबल की शिकायत पर की गई है।
मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 21 अक्टूबर को कोलाना गांव में एक सभा का आयोजन हुआ था। इस दौरान दिए गए भाषण का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है।
पेन ड्राइव सबूत के तौर पर जब्त
रानपुर थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र चौधरी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्यक्रम का वीडियो और उससे जुड़ी पेन ड्राइव को साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड पर ले लिया है।
जांच में सामने आया है कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा, निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन करने और भीड़ को उकसाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(a), 132 और 308(2) के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 को भी एफआईआर में जोड़ा गया है।
वीडियो में कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया था कि सत्ता बदलने पर हर किसी का हिसाब किया जाएगा। साथ ही, OSD राजीव दत्ता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का भी जिक्र है।
प्रहलाद गुंजल की सफाई
दूसरी ओर, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने इन तमाम आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कोलाना गांव में कोई आधिकारिक सभा नहीं बुलाई गई थी और उन्होंने चुनाव प्रचार का समय पूरा होने के बाद अपनी बात रखी थी।
गुंजल ने स्थानीय प्रशासन पर OSD राजीव दत्ता के दबाव में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चाहे रोज मुकदमे दर्ज किए जाएं, लेकिन वे किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और अपने बयान पर कायम हैं।
