Tuesday, 27 October 2026
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करवा चौथ 2025: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा सुहागिनों का व्रत, जानिए कलश में क्या डालने की है परंपरा

संक्षेप में

इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 तक रहेगा। इस दिन करवा के कलश में जल, अक्षत, सिक्का, फूल और रोली डाली जाती है और सास द्वारा दी गई सरगी खाने के बाद महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं।

मुख्य बातें

  • करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा
  • पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 तक रहेगा
  • करवे के कलश में पानी, अक्षत, सिक्का, फूल और रोली डाली जाती है
  • सरगी में सास अपनी बहू को फल, मिठाई और सूखे मेवे देती हैं
धर्म
करवा चौथ 2025: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा सुहागिनों का व्रत, जानिए कलश में क्या डालने की है परंपरा

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। सूर्योदय से पहले सरगी खाने के साथ शुरू होने वाला यह अनुष्ठान रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने और पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद पूरा होता है। इस दिन सोलह शृंगार कर करवा माता की कथा सुनने का विधान है।

करवा के कलश में क्या-क्या सामग्री डाली जाती है?

करवा चौथ की पूजा में इस्तेमाल होने वाले करवे में जल भरना सबसे अहम चरण माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और पारिवारिक परंपराओं के मुताबिक इसकी सामग्री में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन कुछ चीजें अनिवार्य मानी जाती हैं।

पूजा के कलश में जल, अक्षत, सिक्का, फूल और रोली मुख्य रूप से डाली जाती है। सबसे पहले करवे में शुद्ध जल भरा जाता है, क्योंकि इसी जल से रात को चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही भीतर थोड़े से साबुत चावल यानी अक्षत रखे जाते हैं। कई परिवारों में करवे के जल में एक सिक्का डालने का भी नियम है। इसके अलावा पूजा के दौरान फूलों और रोली का उपयोग किया जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त और समय

करवा चौथ पर शाम के समय होने वाली पूजा के लिए पंचांग के अनुसार खास मुहूर्त तय किया गया है। इस साल पूजा का समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

इस अवधि में महिलाएं भगवान गणेश, शिव-पार्वती और करवा माता की विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस दौरान करवा चौथ की कथा सुनने और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करने की परंपरा है।

सरगी खाने की परंपरा और नियम

व्रत के दिन सुबह सास द्वारा दी जाने वाली सरगी का विशेष महत्व होता है। इसमें फल, मिठाइयां, सूखे मेवे और अन्य खाने-पीने की वस्तुएं शामिल होती हैं। कई घरों में सरगी के साथ कपड़े और शृंगार का सामान भी उपहार स्वरूप दिया जाता है। सरगी ग्रहण करने के बाद महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक अन्न और जल का त्याग कर निर्जला उपवास रखती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

करवा चौथ 2025 कब है?

इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा, जिसमें सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखती हैं।

करवा चौथ के कलश में क्या डाला जाता है?

करवा चौथ के कलश में मुख्य रूप से पानी, अक्षत, सिक्का, फूल और रोली डाली जाती है। इस पानी का इस्तेमाल रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए किया जाता है।

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

पंचांग के अनुसार इस साल करवा चौथ पूजा का शुभ समय शाम 5:38 से शाम 6:56 तक रहेगा, जिसमें माता करवा और शिव-पार्वती की पूजा की जाती है।

सरगी खाने की क्या परंपरा है?

व्रत के दिन सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसमें फल, मिठाई और मेवे शामिल होते हैं। इसे सूर्योदय से पहले खाया जाता है जिसके बाद पूरा दिन निर्जला व्रत रखा जाता है।