पेपर लीक मामलों पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, दोषियों के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

देशभर में पेपर लीक मामलों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। इन अदालतों में मामलों की सुनवाई तेजी से होगी, ताकि युवाओं को जल्द न्याय मिल सके और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दी जा सके। प्रधानमंत्री के अनुसार सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वही प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण मिला और युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हुआ है।

आपको बता दे यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब पेपर लीक के विरोध में कई संगठन आंदोलन कर रहे हैं। सीजेपी पिछले 34 दिनों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिससे फैसले आने में वर्षों लग जाते थे। केंद्र सरकार के अनुसार, वर्ष 2019 से 2025 के बीच रेप और POCSO मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है और इनकी निपटान दर 96.28 प्रतिशत रही है। सरकार को उम्मीद है कि इसी व्यवस्था से पेपर लीक मामलों में भी जल्द फैसला हो सकेगा और दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई होगी।