मोदी सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत राजस्थान को बड़ी सौगात देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹537.70 करोड़ की केंद्रीय सहायता मंजूर की है। यह राशि जल जीवन मिशन के पहले और दूसरे चरण के बीच राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किए गए अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। इस फंड से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार, पेयजल योजनाओं और जलापूर्ति से जुड़े अधूरे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया जा सकेगा। स्वीकृत राशि में ₹307.45 करोड़ सामान्य क्षेत्रों, ₹177.73 करोड़ अनुसूचित जाति (SC) और ₹52.52 करोड़ अनुसूचित जनजाति (ST) क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं, ताकि हर वर्ग तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सके। राज्य में 3,241 पेयजल योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनमें से 2,520 योजनाओं का जल्द 'जल अर्पण' किया जाएगा। इसके अलावा 3,346 पुरानी योजनाओं के वन टाइम सेटलमेंट (OTS) को भी मंजूरी मिली है। अब तक 2,212 गांवों को 'हर घर जल' प्रमाणित किया जा चुका है और 93% पेयजल योजनाओं की डिजिटल 'सुजलम भारत' आईडी तैयार हो चुकी है। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सभी परियोजनाओं की जियो-टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जरुरी  होगी, जिससे काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 भागीदारी से संचालित इस योजना की समयसीमा अब दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। सरकार के मुताबिक इससे आने वाले वर्षों में राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था और मजबूत होगी तथा दूर-दराज के गांवों और ढाणियों तक भी नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच सके