मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट-यूजी 2026 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत आगामी 7 अगस्त से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच MCC ने काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिससे लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
फिजिकल रिपोर्टिंग और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया हुई आसान
नए नियमों के तहत काउंसलिंग प्रक्रिया को ज्यादातर डिजिटल कर दिया गया है, जिससे छात्रों का समय और पैसे दोनों की बचत होगी। सबसे बड़ा बदलाव सीट अपग्रेडेशन को लेकर किया गया है।
अब तक किसी कॉलेज में सीट मिलने के बाद अपग्रेडेशन की इच्छा रखने वाले कई छात्रों को संबंधित कॉलेज में फिजिकली रिपोर्ट करना पड़ता था। नए प्रावधानों के मुताबिक, अब अपग्रेडेशन या 'विलिंग टू अपग्रेड' का विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों को कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होगी। उनकी मौजूदा सीट काउंसलिंग पोर्टल पर सुरक्षित रहेगी और वे बिना किसी बाधा के अगले राउंड में शामिल हो सकेंगे।
ऑनलाइन सीट रेजिग्नेशन और एनआरआई दस्तावेजों की अपलोडिंग
काउंसलिंग के दौरान सीट छोड़ने या सरेंडर करने के नियमों में भी राहत दी गई है। अब अलॉटेड सीट को सरेंडर करने के लिए छात्रों को कॉलेज के चक्कर नहीं काटने होंगे। तय समय सीमा के भीतर MCC के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर के सीट छोड़ी जा सकेगी।
इसके अलावा, एनआरआई (NRI) कोटे के तहत रिजर्वेशन का लाभ लेने वाले उम्मीदवारों के लिए भी प्रक्रिया आसान की गई है। अब एनआरआई श्रेणी के आवेदक अपने जरूरी दस्तावेज सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे, जिससे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
सेंट्रल इंस्टीट्यूट, ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों और MCC के दायरे में आने वाले मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन सभी नए दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह जांच लें।
