केंद्र सरकार सार्वजनिक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। पब्लिक एग्जामिनेशन  एक्ट, 2024 में संशोधन के लिए नया विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन के बाद केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस बिल को सदन में पेश कर सकते हैं। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े मामलों में 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बिल में नई धारा 12ए और 12बी जोड़ने का प्रस्ताव है, जिसके तहत केंद्र सरकार आवश्यकता पड़ने पर विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन कर सकेगी। साथ ही, केंद्र द्वारा मामला सौंपे जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) को दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी। मामलों की सुनवाई के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेकर विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट नामित किए जाएंगे, जहां रोजाना सुनवाई होगी और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में 30 दिनों के भीतर अपील की जा सकेगी, जिसे विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 90 दिन तक बढ़ाया जा सकेगा। अपील की सुनवाई हाई कोर्ट की दो न्यायाधीशों की पीठ करेगी और उसे भी तीन महीने के भीतर निपटाने का प्रयास किया जाएगा। यह संशोधन परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।