Thursday, 29 October 2026
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प्रयागराज में जमीन के अंदर गड़े मिले 5 करोड़ से ज्यादा, तीन नीले ड्रमों में 500-500 के नोट; दो सगे भाई हिरासत में

संक्षेप में

प्रयागराज के नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर जमीन के अंदर गाड़े गए तीन नीले ड्रमों से 5 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। मामले में दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया गया है और आयकर विभाग नोटों की गिनती कर रहा है।

मुख्य बातें

  • प्रयागराज के बरईपुर गांव में जमीन के अंदर तीन नीले ड्रमों में 5 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले।
  • रकम 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों के रूप में कपड़े में लपेटकर दबाई गई थी।
  • मकान मालिक राकेश यादव उर्फ महाकाल और उसके भाई बबलू को हिरासत में लिया गया है।
  • छापेमारी के दौरान पूरे गांव की बिजली कटवा दी गई थी और साढ़े चार घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला।
उत्तर प्रदेश
प्रयागराज में जमीन के अंदर गड़े मिले 5 करोड़ से ज्यादा, तीन नीले ड्रमों में 500-500 के नोट; दो सगे भाई हिरासत में

प्रयागराज के नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में पुलिस ने एक पुश्तैनी मकान में छापेमारी कर जमीन के अंदर गाड़कर रखे गए पांच करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। यह रकम 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों के रूप में तीन नीले ड्रमों में कपड़े से लपेटकर दबाई गई थी। पुलिस इस नकदी के चोरी की होने की आशंका जता रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर पुष्टि अभी बाकी है।

मामले में पुलिस ने मकान मालिक राकेश यादव उर्फ महाकाल और उसके सगे भाई बबलू को हिरासत में लिया है। नकदी की गिनती के लिए अब आयकर विभाग की टीम को बुलाया गया है। जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में बुधवार रात हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

बिजली काटकर की गई छापेमारी

पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया को राकेश यादव के घर में चोरी का पैसा जमीन के नीचे छिपाकर रखे जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद बुधवार शाम करीब छह बजे डीसीपी (गंगानगर) सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल बरईपुर गांव पहुंचा।

कार्रवाई को गोपनीय रखने के लिए पुलिस ने सबसे पहले पूरे गांव की बिजली कटवा दी। इसके बाद सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह की मौजूदगी में मकान की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस तलाशी के बाद रात साढ़े दस बजे पुलिस टीम नकदी को कब्जे में लेकर लौटी। फिलहाल घर को सील कर दिया गया है और उसके चारों तरफ 40 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राकेश के घर के अलावा उसके बगीचे और खाली पड़ी जमीन को भी पुलिस ने रिबन से घेर दिया है।

कुछ साल पहले पुणे में करता था काम

स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि राकेश यादव कुछ साल पहले पुणे में अपनी बहनोई और साले के साथ रहकर एक सर्राफा कारोबारी के यहां नौकरी करता था। कोविड काल के दौरान वह अपने पैतृक गांव बरईपुर लौट आया था।

गांव लौटने के बाद से उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया। ग्रामीणों के दावे के मुताबिक, उसने पिछले कुछ वर्षों में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 22 बीघा जमीन खरीदी। इसके अलावा करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर आलीशान मकान बनवाया, दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप वाहन खरीदे। हाल ही में उसने गांव में ही सीमेंट और सरिया का कारोबार भी शुरू किया था।

पड़ोसी से विवाद और दरोगा से बहस के बाद खुली परतें

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा राज तब खुला जब पांच-छह दिन पहले राकेश का अपने पड़ोसियों से किसी बात पर विवाद हो गया था। इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

शिकायत की जांच करने पहुंचे एक दरोगा से राकेश यादव की तीखी बहस हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से पड़ताल शुरू की, तो उसकी संपत्तियों और संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट मिलने लगे। इसी कड़ी में पुलिस उसके घर तक पहुंची, जहां जमीन के भीतर छिपाए गए करोड़ों रुपये का यह जखीरा हाथ लगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रयागराज में जमीन के अंदर से कितने रुपये बरामद हुए हैं?

प्रयागराज के बरईपुर गांव में जमीन के भीतर से पांच करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है।

यह नकदी किस रूप में और कहां छिपाई गई थी?

यह रकम 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों के रूप में तीन नीले ड्रमों में कपड़े से लपेटकर जमीन के अंदर गाड़कर रखी गई थी।

पुलिस ने इस मामले में किसे हिरासत में लिया है?

पुलिस ने मुख्य आरोपी राकेश यादव उर्फ महाकाल और उसके सगे भाई बबलू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

नोटों की गिनती कौन करेगा?

बरामद की गई भारी-भरकम नकदी की गिनती के लिए आयकर विभाग की टीम को अधिकृत किया गया है।