Saturday, 31 October 2026
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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बालिकाओं को मिलेगी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग, सत्र 2026-27 के लिए निर्देश जारी

संक्षेप में

राजस्थान के 36,765 सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं के लिए सत्र 2026-27 से आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 10 दिन के शिविर और सालभर नियमित अभ्यास सत्रों के जरिए मार्शल आर्ट सिखाने के साथ पॉक्सो एक्ट और बाल सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी जाएगी।

मुख्य बातें

  • राजस्थान के 36 हजार 765 सरकारी स्कूलों में बालिकाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए सत्र 2026-27 के तहत 10 दिन का शिविर और सालभर नियमित अभ्यास सत्र होंगे।
  • प्रशिक्षण में मार्शल आर्ट के साथ पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की जानकारी शामिल होगी।
  • प्रत्येक चयनित स्कूल को प्रशिक्षण के लिए 2,500 रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य समाचार
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बालिकाओं को मिलेगी आत्मरक्षा की ट्रेनिंग, सत्र 2026-27 के लिए निर्देश जारी

राजस्थान के 36 हजार 765 सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को स्कूल समय में ही आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत स्कूलों में 10 दिन का विशेष शिविर आयोजित होगा। इसके बाद सालभर अक्टूबर, दिसंबर, फरवरी और अप्रैल में नियमित अभ्यास सत्र चलाए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को संभावित खतरों की पहचान करने, असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करने और शारीरिक व मानसिक रूप से सक्षम बनाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बालिकाओं के अलग-अलग समूह तैयार किए जाएंगे। इसमें कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के लिए अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे। हर स्कूल में इसकी जिम्मेदारी महिला शारीरिक शिक्षकों को सौंपी गई है। स्कूल टाइमटेबल में इस प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा की शिक्षा भी सुचारू रूप से चल सके।

10 दिन का शिविर और सालभर का अभ्यास

योजना के मुताबिक हर चयनित स्कूल में पहले 10 दिन का मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा का शिविर लगेगा। यह ट्रेनिंग सिर्फ शिविर तक सीमित नहीं रहेगी। इसके बाद तय महीनों में विशेष अभ्यास सत्र चलेंगे। अक्टूबर 2026, दिसंबर 2026, फरवरी 2027 और अप्रैल 2027 में 15-15 दिन के नियमित अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे।

मार्शल आर्ट के साथ कानूनी अधिकारों की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को केवल शारीरिक तकनीकें ही नहीं सिखाई जाएंगी, बल्कि उनके कानूनी अधिकारों और बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी जाएगी। शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार छात्राओं को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और किशोर न्याय अधिनियम-2015 के अहम प्रावधानों के बारे में बताया जाएगा।

किसी भी तरह की परेशानी, हिंसा या संदिग्ध स्थिति में शिकायत कहां और कैसे दर्ज कराई जाए, इसकी पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी। इसके लिए स्कूलों में नजदीकी पुलिस थाने के बीट कांस्टेबल और थाना प्रभारियों को बुलाया जाएगा, जो छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे और सुरक्षा के उपायों पर चर्चा करेंगे।

पर्ची के जरिए अपनी बात रख सकेंगी छात्राएं

ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं को अपनी समस्याएं या उलझनें साझा करने के लिए व्यक्तिगत बातचीत का मौका मिलेगा। यदि कोई छात्रा खुलकर अपनी बात नहीं कह पाती है, तो वह पर्ची के माध्यम से भी अपनी असुरक्षा या परेशानी शिक्षक या अधिकारियों तक पहुंचा सकेगी। उन्हें बिना किसी झिझक के अपनी समस्या बताने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

स्कूलों को मिलेंगे 2,500 रुपए

इस कार्यक्रम के संचालन के लिए सरकार की ओर से प्रत्येक चयनित विद्यालय को 2,500 रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट का उपयोग प्रशिक्षण से जुड़े बैनर, स्टेशनरी, फोटोकॉपी और अन्य आवश्यक सामग्री के खर्च के लिए किया जाएगा।

शिक्षक नेता मोहर सिंह सलावद ने इस पहल को लेकर कहा कि बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिलने से उनमें विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस और आत्मविश्वास विकसित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बालिकाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग किस सत्र से दी जाएगी?

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सत्र 2026-27 के लिए बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा क्या होगी?

इस कार्यक्रम के तहत पहले 10 दिन का विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर 2026, दिसंबर 2026, फरवरी 2027 और अप्रैल 2027 में 15-15 दिन के नियमित अभ्यास सत्र चलाए जाएंगे।

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को किन कानूनों की जानकारी दी जाएगी?

छात्राओं को मार्शल आर्ट के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), किशोर न्याय अधिनियम-2015 और शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए स्कूलों को कितना बजट मिलेगा?

सरकार की ओर से आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए चयनित प्रत्येक स्कूल को 2,500 रुपए की राशि स्वीकृत की गई है, जिसका उपयोग स्टेशनरी और बैनर जैसी आवश्यक सामग्री पर होगा।