राजस्थान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को इससे जोड़ने का अभियान तेज कर दिया है। सरकार के अनुसार, राजस्थान में अब तक 2,380 क्लस्टर बनाए जा चुके हैं, जो आंध्र प्रदेश के बाद देश में सबसे अधिक हैं। इन क्लस्टरों से 2 लाख 12 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हैं और करीब 91 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाई जा रही है।

राज्य सरकार का लक्ष्य ढाई लाख किसानों को जोड़कर एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। इसके लिए किसानों को जैविक खाद उत्पादन, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, खेती की लागत कम होती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इसके अलावा जोधपुर, कोटा और उदयपुर में ऑर्गेनिक फूड मार्केट विकसित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके। प्राकृतिक खेती का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देना है।