राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के 4 जुलाई को होने वाले उद्घाटन समारोह में एक बार फिर बड़ा बदलाव कर दिया गया है। पहले इस कार्यक्रम को करीब 2 से 2.5 लाख लोगों की विशाल जनसभा के रूप में आयोजित करने की तैयारी थी। इसके लिए रिफाइनरी के बाहर बड़े पंडाल, जर्मन डोम, लाखों लोगों के बैठने की व्यवस्था और अन्य तैयारियां भी तेज़ी से चल रही थीं। लेकिन अब सुरक्षा, भीषण गर्मी, मौसम की परिस्थितियों और रिफाइनरी के अत्यंत संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते  कार्यक्रम का स्वरूप पूरी तरह से बदल दिया गया है। नई योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफाइनरी परिसर के अंदर ही एक सीमित और हाई-सिक्योरिटी कार्यक्रम में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण कर सकते है...  समारोह में अब केवल करीब 5 हजार विशेष आमंत्रित लोगों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्थानीय ग्रामीणों और चुनिंदा अतिथियों को ही शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम में बदलाव के बाद रिफाइनरी के बाहर बन रहे विशाल पंडाल और जनसभा स्थल का निर्माण कार्य भी तत्काल रोक दिया गया है। प्रशासन ने अब अपनी पूरी तैयारियों का फोकस रिफाइनरी के अंदर सुरक्षित मंच, वीवीआईपी मूवमेंट, सुरक्षा प्रबंधन और तकनीकी व्यवस्थाओं पर केंद्रित किया गय है। गौरतलब है कि इससे पहले 21 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री का उद्घाटन कार्यक्रम तय था, लेकिन उद्घाटन से एक दिन पहले रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में आग लगने की घटना के बाद दौरा स्थगित कर दिया गया था। अब प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत कार्यक्रम होगा इस रिफाइनरी को राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।