Wednesday, 28 October 2026
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सागर के मंजला गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठे सवाल: ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर की जांच की मांग

संक्षेप में

सागर जिले के बंडा तहसील स्थित ग्राम मंजला में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने की मांग की है।

मुख्य बातें

  • घटना सागर जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर ग्राम मंजला (बंडा) की है।
  • ग्रामीणों ने सरपंच अजय कुमार मिश्रा, सचिव अरविंद साहू और रोजगार सहायक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
  • बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह लम्बरदार ने भी मामले पर संज्ञान लिया है।
  • ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूचियों और अभिलेखों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मध्य प्रदेश
सागर के मंजला गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठे सवाल: ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर की जांच की मांग

सागर जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बंडा के ग्राम मंजला में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक न पहुंचने का आरोप लगाया है। इस मामले में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पंचायत के जनप्रतिनिधियों और कर्मियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

पक्के मकान के इंतजार में जरूरतमंद परिवार

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में कई ऐसे गरीब परिवार हैं जिनके पास न तो खुद की जमीन है और न ही सिर छुपाने के लिए पक्की छत। सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना ऐसे परिवारों के लिए मुख्य आस है, लेकिन पात्रता रखने के बावजूद कई लोग इस लाभ से वंचित हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत स्तर पर आवेदनों के चयन और सर्वे की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही है। बंडा के विधायक वीरेंद्र सिंह लम्बरदार ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए स्थानीय स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा पर जोर दिया है।

सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली पर सवाल

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच अजय कुमार मिश्रा, सचिव अरविंद साहू और रोजगार सहायक पर योजनाओं के क्रियान्वयन में अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पात्र हितग्राहियों के चयन में मनमानी बरती जा रही है, जिससे जरूरतमंदों के आवेदन लंबित पड़े हैं।

पंचायत स्तर पर निगरानी कमजोर होने के कारण वास्तविक हकदार सरकारी मदद से दूर हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अभी संबंधित पंचायत अधिकारियों या प्रतिनिधियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

प्रशासन से निष्पक्ष समीक्षा और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को शिकायती आवेदन सौंपकर मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सभी अभिलेखों और हितग्राहियों की सूची की नए सिरे से जांच कराई जाए।

  • पंचायत स्तर पर हुए सर्वे की निष्पक्ष समीक्षा हो।
  • वंचित पात्र परिवारों को तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाए।
  • यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही मिलती है, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

इस शिकायत के बाद अब बंडा प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पात्र परिवारों को अब तक योजना का लाभ क्यों नहीं मिल पाया है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सागर के किस गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सवाल उठे हैं?

सागर जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर बंडा तहसील के ग्राम मंजला में प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों ने किन अधिकारियों और प्रतिनिधियों पर आरोप लगाए हैं?

ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच अजय कुमार मिश्रा, सचिव अरविंद साहू और रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली पर योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रधानमंत्री आवास योजना के दस्तावेजों, हितग्राहियों की चयन सूची और आवेदनों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि वंचित पात्रों को हक मिल सके।

इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधि का क्या रुख है?

बंडा के विधायक वीरेंद्र सिंह लम्बरदार ने भी मामले का संज्ञान लिया है और पंचायत स्तर पर योजनाओं के सही क्रियान्वयन तथा सर्वे की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया है।