विजयादशमी के मौके पर राजस्थान के सांवलियाजी कस्बे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 'गांडीव' पथ संचलन निकाला गया। घोष की धुन पर कदमताल करते हुए निकले इस अनुशासित रूट मार्च का स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
यह संचलन स्टाफ कॉलोनी से शुरू होकर कबूतरखाना चौराहा, चिकारड़ा चौराहा, वीआईपी गेट, मंशापूर्ण महादेव मंदिर, घाटी के नीचे, चैनल गेट, मंगला आरती गेट, दर्जी मोहल्ला, घड़ी के श्याम, कबूतरखाना, ब्रह्मपुरी, जैन मोहल्ला और नंद निकेतन से होते हुए मीरा चौक के रास्ते वासुदेव भवन में संपन्न हुआ।
अनुशासन और एकरूपता रही आकर्षण
रूट मार्च के दौरान स्वयंसेवकों की एकरूपता और सामूहिक कदमताल देखने लायक थी। गांडीव नाम दिए गए इस संचलन के मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी अभिनंदन किया। वासुदेव भवन पहुंचने पर आदर्श विद्या निकेतन विद्यालय परिवार की ओर से स्वयंसेवकों पर पुष्प बरसाकर भव्य स्वागत किया गया।
हिन्दू पौराणिक कथाओं में 'गांडीव' भगवान अर्जुन के शक्तिशाली धनुष का नाम है, जिसके नाम पर इस संचलन का नामकरण किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना अधिकारी रविन्द्र कुमार सेन पुलिस बल के साथ रूट मार्च के साथ चल रहे थे।
वासुदेव भवन प्रांगण में विजयादशमी उत्सव
संचलन के समापन के बाद आदर्श विद्या निकेतन के वासुदेव भवन प्रांगण में विजयादशमी उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर निंबाहेड़ा जिला प्रचारक सुनील कुमार ने संघ के 100 वर्षों के सफर, हिन्दू संस्कृति, जीवन शैली और राष्ट्रभक्ति पर विचार रखे। इस कार्यक्रम में जिला संघ चालक डॉ. सीताराम और खंड संघ चालक राधेश्याम भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
