मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सनातन धर्म और हिंदुत्व को दो अलग अवधारणाएं बताया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा हजारों साल पुरानी है, जबकि हिंदुत्व की शुरुआत वीर सावरकर के विचारों से जुड़ी है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में हेरफेर और राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के हिसाब पर भी तीखे सवाल खड़े किए।
रविवार को 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के सिलसिले में शाजापुर पहुंचे कांग्रेस नेता ने मीडिया से चर्चा के दौरान संविधान का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और दूसरे मतों का सम्मान करने की पूरी स्वतंत्रता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी भी हिंदुत्व के समर्थक नहीं रहे हैं।
वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर सवाल
मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि पहले यह व्यवस्था विकेंद्रीकृत थी, जिसमें एसडीएम और जिला कलेक्टर स्तर के अधिकारियों की सीधी भूमिका होती थी। अब इसे पूरी तरह केंद्रीकृत कर दिया गया है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग उठाई और वोट चोरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सीएम ने राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर से जुटाए गए चंदे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल पर चंदे की राशि में हेराफेरी का आरोप लगाया और इसका सार्वजनिक हिसाब-किताब मांगने की बात कही।
