उमरिया में विकास के दावों के बीच बड़ागांव से सिस्टम को आईना दिखाती तस्वीर सामने आई है। यहां सड़क के नाम पर कीचड़ और गड्ढे हैं..और इसी बदहाल रास्ते से होकर स्कूली बच्चे हर दिन स्कूल जाने को मजबूर हैं।सड़क की मांग को लेकर अब बच्चे भी मैदान में उतर आए हैं। ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे।बारिश होते ही करकेली जनपद के बड़ागांव की सड़क का ये हाल हो जाता है,की कहीं घुटनों तक कीचड़,तो कहीं पानी से लबालब गड्ढे.. इसी रास्ते से होकर नौनिहालों को रोज स्कूल जाना पड़ता है। कदम-कदम पर खतरा है फिसलने का डर है,और कई बार बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं।लेकिन मुश्किल सिर्फ रास्ते तक सीमित नहीं है बदहाल सड़क का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।जलभराव और कीचड़ के चलते कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। इसके साथ स्कूल की छत और टॉयलेट की भी समस्या बच्चों ने कलेक्टर को बताई हैग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए कई साल से जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। कलेक्टर से लेकर विधायक और मंत्री तक आवेदन दिए गए लेकिन हर बार मिला सिर्फ आश्वासन करीब तीन साल पहले भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर हाईवे जाम करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद अधिकारी गांव पहुंचे और जल्द सड़क बनवाने का भरोसा दिया... लेकिन तीन साल बाद भी सड़क की तस्वीर नहीं बदली।अबकी बार ग्रामीणों के साथ बच्चे भी अपनी आवाज लेकर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। हाथों में पुराने आवेदन आंखों में उम्मीद और जुबान पर एक ही सवाल-साहब सड़क कब बनेगी!