Friday, 25 September 2026
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सेबी का नया प्रस्ताव: 5 लाख फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स अब 'सेलिब्रिटी' माने जाएंगे

संक्षेप में

बाजार नियामक सेबी सोशल मीडिया पर 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले इन्फ्लुएंसर्स को 'सेलिब्रिटी' के रूप में वर्गीकृत करने का प्रस्ताव ला रहा है, जिससे उन पर वित्तीय विज्ञापनों के कड़े नियम लागू होंगे और वे भ्रामक निवेश सलाह नहीं दे सकेंगे।

मुख्य बातें

  • 5 लाख फॉलोअर्स वाले डिजिटल क्रिएटर्स सेलिब्रिटी माने जाएंगे
  • AI अवतारों को भी मानव सेलिब्रिटी के समान नियमों का पालन करना होगा
  • 14 जुलाई 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं
  • वित्तीय विज्ञापनों के लिए सेबी की पूर्व-मंजूरी अनिवार्य होगी
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सेबी का नया प्रस्ताव: 5 लाख फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स अब 'सेलिब्रिटी' माने जाएंगे

बाजार नियामक सेबी (SEBI) वित्तीय विज्ञापनों के नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। नए ड्राफ्ट प्रस्ताव के तहत, सोशल मीडिया पर 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले किसी भी डिजिटल क्रिएटर को अब 'सेलिब्रिटी' की श्रेणी में रखा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य निवेशकों, विशेषकर युवाओं को भ्रामक विज्ञापनों और वित्तीय जोखिमों से बचाना है।

कौन आएगा दायरे में?

सेबी की इस नई परिभाषा में न केवल सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, बल्कि अन्य लोकप्रिय हस्तियां भी शामिल होंगी। यदि किसी एथलीट, टीवी एंकर, या रियलिटी शो के विजेता/उपविजेता के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, तो उन पर सेलिब्रिटी वाले विज्ञापन नियम लागू होंगे। इसके अतिरिक्त, कम से कम 10 एपिसोड होस्ट करने वाले एंकर और टीवी शो के कलाकार भी इस दायरे में आएंगे।

AI अवतारों पर भी होगा नियंत्रण

नियामक ने 'AI अवतारों' को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। कंप्यूटर द्वारा निर्मित ऐसे वर्चुअल किरदार जो मानवीय विशेषताओं के साथ दर्शकों को प्रभावित करने में सक्षम हैं, उन्हें भी मानव सेलिब्रिटी के समान ही विज्ञापनों के कड़े मानकों का पालन करना होगा।

विज्ञापनों पर क्या असर पड़ेगा?

प्रस्ताव के प्रभावी होने पर वित्तीय कंपनियों और इन्फ्लुएंसर्स के लिए प्रचार करना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। नए नियमों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • सीमित प्रचार: सेलिब्रिटी केवल ब्रांड का प्रचार कर सकेंगे, वे किसी विशिष्ट स्कीम, शेयर या म्यूचुअल फंड को खरीदने की सलाह या गारंटी नहीं दे पाएंगे।
  • पूर्व-मंजूरी अनिवार्य: सेलिब्रिटी से जुड़े सभी वित्तीय विज्ञापनों को जारी करने से पहले सेबी से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
  • भ्रामक दावों पर रोक: गारंटीड प्रॉफिट का दावा करने, भ्रामक तुलना करने या कैशबैक जैसे प्रलोभन देने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा।

सेबी ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता और विशेषज्ञों से 14 जुलाई 2026 तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सेबी के नए प्रस्ताव के अनुसार सेलिब्रिटी कौन माना जाएगा?

किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले डिजिटल क्रिएटर या इन्फ्लुएंसर को सेबी के नए प्रस्ताव में 'सेलिब्रिटी' माना जाएगा।

क्या AI अवतारों पर भी यह नियम लागू होगा?

हां, इंसानी विशेषताओं वाले AI-जनरेटेड वर्चुअल किरदारों को भी वित्तीय विज्ञापनों में मानव सेलिब्रिटी के समान ही नियमों का पालन करना होगा।

इन्फ्लुएंसर्स के लिए विज्ञापन के नियमों में क्या बदलाव होगा?

इन्फ्लुएंसर्स अब किसी विशिष्ट शेयर या स्कीम की गारंटी नहीं दे पाएंगे और विज्ञापनों को प्रसारित करने से पहले सेबी से पूर्व-अनुमति लेनी होगी।