Tuesday, 3 November 2026
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श्योपुर की 4 साल की रागिनी: बिना किताब और गुरु के जुबानी याद है पूरी हनुमान चालीसा, देखने पहुंच रहे लोग

संक्षेप में

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के बुढ़ेरा गांव में चार साल की रागिनी बिना किसी औपचारिक शिक्षा या सिखाए पूरी हनुमान चालीसा जुबानी सुनाती है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग आ रहे हैं।

मुख्य बातें

  • घटना श्योपुर जिले के बुढ़ेरा गांव की है।
  • चार साल की रागिनी बिना किसी किताब या गुरु के हनुमान चालीसा सुनाती है।
  • ढाई महीने पहले बच्ची ने अचानक हनुमान चालीसा बोलना शुरू किया था।
मध्य प्रदेश
श्योपुर की 4 साल की रागिनी: बिना किताब और गुरु के जुबानी याद है पूरी हनुमान चालीसा, देखने पहुंच रहे लोग

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के बुढ़ेरा गांव में चार साल की रागिनी अपनी असाधारण याददाश्त की वजह से चर्चा में हैं। बच्ची बिना किसी किताब या गुरु के मदद के पूरी हनुमान चालीसा जुबानी सुना देती है।

बुढ़ेरा गांव की रहने वाली रागिनी के परिवार का खेती-किसानी से जुड़ा बैकग्राउंड है। बच्ची अभी नियमित रूप से स्कूल या पढ़ाई भी नहीं करती है, इसके बावजूद वह फर्राटे से हनुमान चालीसा का पाठ करती है।

बिना सिखाए जुबानी याद हुआ पाठ

परिजनों के मुताबिक, करीब ढाई महीने पहले रागिनी ने अचानक हनुमान चालीसा बोलना शुरू किया था। शुरुआत में उसने कुछ लाइनें बोलीं, जो धीरे-धीरे पूरे पाठ में बदल गईं।

परिवार का दावा है कि रागिनी को किसी ने न तो यह पाठ सिखाया और न ही कभी किताब लेकर बैठाया। बच्ची की इस अनोखी कला को लेकर परिजन पूर्व जन्म की याददाश्त या किसी दैवीय आशीर्वाद जैसी संभावना पर भी बात कर रहे हैं।

घर पहुंच रहे दूर-दूर से लोग

जैसे ही बच्ची के इस हुनर की खबर बुढ़ेरा गांव और आसपास के इलाकों में फैली, लोगों का उसके घर पहुंचना शुरू हो गया। स्थानीय लोग रागिनी की जुबानी हनुमान चालीसा सुनने के लिए उसके घर आ रहे हैं।

जहां आमतौर पर वयस्कों को भी पूरी हनुमान चालीसा याद करने में समय लगता है, वहीं चार साल की इस बच्ची का बिना अटके पूरा पाठ करना हर किसी को अचंभित कर रहा है। रागिनी फिलहाल अपनी इस कला को लेकर बुढ़ेरा गांव से लेकर पूरे श्योपुर जिले में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

श्योपुर में हनुमान चालीसा याद करने वाली बच्ची कौन है?

श्योपुर जिले के बुढ़ेरा गांव की रहने वाली चार साल की रागिनी बिना किसी किताब या गुरु के पूरी हनुमान चालीसा जुबानी सुना देती है।

रागिनी को हनुमान चालीसा किसने सिखाई है?

परिवार के मुताबिक, रागिनी को किसी ने नहीं सिखाया है। उसने करीब ढाई महीने पहले अचानक खुद ही हनुमान चालीसा बोलना शुरू किया था और धीरे-धीरे उसे पूरा पाठ याद हो गया।

रागिनी की उम्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है?

रागिनी की उम्र महज चार साल है और उसका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। बच्ची अभी नियमित पढ़ाई भी नहीं करती है।