सीकर में हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी सिलसिले में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव परिणामों के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस और उससे जुड़े समर्थित पार्षदों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें डराने-धमकाने का सिलसिला चल रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने एसपी को दी गई शिकायत में दावा किया है कि भाजपा कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर माहौल को प्रभावित कर रहे हैं। निर्वाचित पार्षदों और उनके परिजनों को निशाना बनाकर उन्हें अपने पाले में करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि कुछ पार्षदों को जबरन उठाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पुलिस और प्रशासन पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप

ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी पर भी सवाल उठाए हैं। नेताओं का आरोप है कि प्रशासन पूरी तरह निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय राजनीतिक दबाव के तहत कार्रवाई कर रहा है, जिससे सत्तारूढ़ दल के लोगों को सहूलियत मिल रही है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुर्गा सिंह कुमावत ने कहा- "निर्वाचित पार्षदों को डराकर और प्रलोभन देकर लोकतंत्र की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।"

पार्टी ने मांग की है कि सभी निर्वाचित पार्षदों की सुरक्षा तत्काल सुनिश्चित की जाए। साथ ही, पार्षदों को धमकाने या उन पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को डराने-धमकाने का यह दौर नहीं थमता है, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पार्षदों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।