सिरोही जिले की छह नगर निकायों के चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला सामने ला दिया है। जिले की एक नगर परिषद और पांच नगर पालिकाओं में से दोनों प्रमुख दलों ने दो-दो निकायों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि आबूरोड और मंडार में बोर्ड गठन की चाबी अब निर्दलीयों के हाथ में आ गई है।

शिवगंज और माउंट आबू में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के साथ जीत दर्ज की है, वहीं सिरोही नगर परिषद और पिंडवाड़ा में कांग्रेस ने परचम फहराया है। इन नतीजों ने जिले की सियासी तस्वीर साफ कर दी है, जहां आबूरोड और मंडार के परिणाम सबसे दिलचस्प बने हुए हैं।

सिरोही और पिंडवाड़ा में कांग्रेस का दबदबा

जिला मुख्यालय पर सिरोही नगर परिषद में कांग्रेस ने भाजपा को बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए लगातार दूसरी बार कब्जा जमाया है। सिरोही के कुल 35 वार्डों में से कांग्रेस ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में 10 सीटें आईं और 2 वार्डों में निर्दलीय जीते। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के नेतृत्व और सक्रियता से पार्टी को बड़ा फायदा मिला, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अहिंसा सर्किल और सरजावाव गेट के बाहर आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

पिंडवाड़ा नगरपालिका में भी कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार किया। यहां के 25 वार्डों में से कांग्रेस ने 13 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा 7 और निर्दलीय 5 सीटों पर विजयी रहे।

शिवगंज और माउंट आबू में भाजपा की वापसी

दूसरी तरफ, शिवगंज और माउंट आबू में भाजपा ने अपने दम पर बोर्ड तय कर लिया है। शिवगंज नगरपालिका के 35 वार्डों में भाजपा ने 18, कांग्रेस ने 14 और निर्दलीयों ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की। माउंट आबू के 25 वार्डों में से भाजपा ने 15 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को 7, आरएलपी को 1 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिलीं। खास बात यह है कि इन दोनों निकायों में पिछले कार्यकाल में कांग्रेस के बोर्ड थे, जिन्हें भाजपा ने इस चुनाव में अपने पाले में कर लिया है।

पंचायतीराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के गृह क्षेत्र में भी यह परिणाम मिश्रित रहे। शिवगंज में भाजपा की जीत हुई, तो वहीं सिरोही नगर परिषद क्षेत्र में कांग्रेस के सामने पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

निकाय का नाम कुल वार्ड भाजपा कांग्रेस निर्दलीय अन्य (RLP)

 

सिरोही नगर परिषद

35

10

23

2

0

आबूरोड नगरपालिका

40

20

16

4

0

मंडार नगरपालिका

20

7

6

7

0

माउंट आबू नगरपालिका

25

15

7

2

1

शिवगंज नगरपालिका

35

18

14

3

0

पिंडवाड़ा नगरपालिका

25

7

13

5

0

आबूरोड और मंडार में निर्दलीयों की निर्णायक भूमिका

आबूरोड नगरपालिका में मुकाबला सबसे रोमांचक रहा, जहां भाजपा बहुमत के आंकड़े से महज एक कदम दूर रह गई। आबूरोड के 40 वार्डों में भाजपा ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि बहुमत के लिए 21 सीटों की जरूरत थी। कांग्रेस यहां 16 सीटों पर सिमट गई और 4 सीटों पर निर्दलीय जीते। एक सीट की कमी के चलते अब आबूरोड में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीयों का समर्थन अनिवार्य हो गया है।

मंडार नगरपालिका का हाल इससे भी अधिक संतुलित है, जहां 20 वार्डों में से भाजपा ने 7 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीती हैं, जबकि 7 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। यहां दोनों ही मुख्य दल बहुमत से काफी दूर हैं और मंडार में चेयरमैन कौन बनेगा, इसका फैसला पूरी तरह निर्दलीयों के हाथ में है।

नोटा और हैरान करने वाले आंकड़े

मतदान के दौरान कई वार्डों में मतदाताओं ने किसी भी दल को पसंद न करते हुए नोटा (NOTA) का खुलकर इस्तेमाल किया। जिलेभर में कुल 285 मतदाताओं ने ईवीएम पर नोटा का बटन दबाया, जिसमें सबसे अधिक 26 वोट वार्ड संख्या 8 में दर्ज किए गए।

व्यक्तिगत जीत-हार के आंकड़े भी चौंकाने वाले रहे। वार्ड 16 से भाजपा प्रत्याशी तेहसिन बानो को सिर्फ 5 वोट मिले, जो जिले में सबसे कम हैं। इसके विपरीत, वार्ड 15 से कांग्रेस प्रत्याशी भवनीश बारोट ने 433 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर सबसे बड़ी जीत दर्ज की।