श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों के चुनावी नतीजे सामने आने के बाद अब बोर्ड गठन का गणित स्पष्ट हो गया है। मतगणना में भारतीय जनता पार्टी ने 30 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि कांग्रेस पार्टी को 17 वार्डों में सफलता मिली है। इसके अलावा 18 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।

नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए 33 पार्षदों के बहुमत के आंकड़े की आवश्यकता है। इस लिहाज से भाजपा जादुई आंकड़े से महज 3 सीट पीछे है।

निर्दलीय पार्षदों के पाले में बोर्ड गठन की चाबी

परिणामों के बाद अब राजनीतिक सरगर्मी 18 निर्दलीय पार्षदों के इर्द-गिर्द सिमट गई है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इन निर्दलीयों में से करीब 7 से 8 पार्षद भाजपा समर्थित हैं। यदि यह समर्थन आधिकारिक तौर पर मिलता है, तो भाजपा का बोर्ड बनना तय माना जा रहा है। हालांकि, निर्दलीय पार्षदों का रुख अभी पूरी तरह खुला हुआ है, जो आने वाले दिनों में जोड़तोड़ की राजनीति की तस्वीर साफ करेगा।

मतगणना के शुरुआती दौर से ही भाजपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनानी शुरू कर दी थी। वार्ड नंबर 2 से भाजपा की संगीता देवी और वार्ड नंबर 5 से संजय शर्मा ने जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला। वहीं, कांग्रेस ने भी शुरुआती रुझानों में टक्कर दी। वार्ड नंबर 1 से कांग्रेस के अनूप सिंह बाजवा और वार्ड नंबर 4 से कर्मजीत कौर विजयी रहे।

सबसे कड़ा मुकाबला और भावुक क्षण

वार्ड नंबर 4 में मुकाबला बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा, जहां कांग्रेस की कर्मजीत कौर ने महज 4 वोटों के अत्यंत कम अंतर से जीत दर्ज की।

चुनावी नतीजों के बीच वार्ड नंबर 54 का एक दृश्य चर्चा का विषय रहा, जहां भाजपा के अमरजीत गिल की जीत के बाद उनके बेटे ने उन्हें गले लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। फिलहाल श्रीगंगानगर नगर परिषद के साथ-साथ सादुलशहर, पदमपुर और गजसिंहपुर नगर पालिकाओं के परिणामों पर भी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।